रिपोर्टर: दीनानाथ माऔर
Aurangabad : बिहार के औरंगाबाद जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ महाराणा प्रताप चौक के समीप कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा है। स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार, पिछले कई महीनों से चल रहे इस गतिविधि की सच्चाई जब सामने आई, तो लोगों के होश उड़ गए। इस पूरी घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंधविश्वास और प्रलोभन का खेल: कैसे हो रहा है ब्रेनवॉश?
Aurangabad सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस स्थान पर हर हफ्ते ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया जाता है। यहाँ जुटने वाले लोगों में मुख्य रूप से अति पिछड़ी, पिछड़ी और एससी-एसटी समुदाय के लोग शामिल हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि धर्म परिवर्तन कराने के लिए लोगों को पैसों का लालच दिया जाता है और उनके बीच अंधविश्वास फैलाया जाता है।
तय योजना के तहत, जो भी व्यक्ति इस धर्म को अपनाता है, उसे अपने साथ कम से कम दस नए लोगों को जोड़ने का टास्क दिया जाता है। इसके बदले उन्हें आर्थिक मदद और अन्य प्रलोभन देने का झांसा दिया जाता है, जिससे प्रभावित होकर लोग इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
सैकड़ों की संख्या में लोग कर रहे हैं बाइबल का पाठ
Aurangabad जब मीडिया और स्थानीय लोगों की टीम ने मौके पर जाकर तहकीकात की, तो वहाँ का नजारा हैरान करने वाला था। लगभग 300 से अधिक लोग एक साथ बैठकर बाइबल की किताबें पढ़ते हुए पाए गए। बातचीत के दौरान कई लोगों ने स्वीकार किया कि वे पहले हिंदू धर्म को मानते थे, लेकिन कथित तौर पर किसी प्रकार का लाभ न मिलने और मानसिक शांति की तलाश में उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है। वहीं, इस कार्यक्रम के आयोजकों का दावा है कि यहाँ ऑनलाइन माध्यमों और यूट्यूब के जरिए ईसा मसीह के संदेशों की जानकारी दी जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की कड़ी चेतावनी और प्रशासन से मांग
Aurangabad इस पूरे मामले पर चिंता जताते हुए समाजसेवी सुजीत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जहाँ हर नागरिक को अपनी पसंद का धर्म अपनाने की स्वतंत्रता है, लेकिन कानून को ताक पर रखकर प्रलोभन देना और छल करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग एक तरफ ईसाई धर्म अपना रहे हैं, तो दूसरी तरफ एससी-एसटी आरक्षण और सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ भी उठा रहे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के नियमों के विरुद्ध है। सुजीत सिंह ने जिला प्रशासन से तत्काल इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बना रहे।
ये भी पढे: जामताड़ा पुलिस का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: 8.13 लाख कैश के साथ तीन गिरफ्तार

