Report by: Santosh Saravagi
Bhitarwar : मध्य प्रदेश के भितरवार क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एक शराब की दुकान ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक तरफ प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर हनुमान मंदिर के बिल्कुल समीप शराब बिक्री ने क्षेत्र के नागरिकों और श्रद्धालुओं में भारी असंतोष पैदा कर दिया है।


Bhitarwar सरकारी गाइडलाइंस की अनदेखी: मंदिर के साए में मदिरालय
नियमों के अनुसार, किसी भी धार्मिक स्थल, स्कूल या रिहायशी इलाके के एक निश्चित दायरे में शराब की दुकान का संचालन प्रतिबंधित है। बावजूद इसके, भितरवार में हनुमान मंदिर के पास खुले इस ठेके ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। नागरिकों का आरोप है कि आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन के संरक्षण के बिना ऐसी अनदेखी संभव नहीं है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पवित्र स्थल के पास शराब की दुकान का होना सीधे तौर पर सरकारी आदेशों का उल्लंघन है।
Bhitarwar बिगड़ता सामाजिक माहौल: नशेड़ियों का जमावड़ा और झगड़े
मंदिर के पास शराब दुकान होने का सबसे बुरा असर क्षेत्र की शांति पर पड़ रहा है। शाम ढलते ही यहाँ नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे आए दिन विवाद और गाली-गलौज की स्थिति निर्मित होती है। मंदिर आने वाली महिलाओं और बच्चों को इस असुरक्षित माहौल के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी ने पूरे मोहल्ले का वातावरण दूषित कर दिया है।
Bhitarwar आस्था पर प्रहार: मंदिर परिसर में फेंकी जा रही खाली बोतलें
भितरवार के इस प्राचीन हनुमान मंदिर की मर्यादा तब तार-तार होती दिखती है, जब सुबह मंदिर परिसर और उसके आसपास शराब की खाली बोतलें बिखरी मिलती हैं। मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं का कहना है कि यह न केवल स्वच्छता के खिलाफ है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ क्रूर मजाक भी है। बार-बार शिकायत के बाद भी सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे आक्रोशित होकर अब लोग सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
Bhitarwar प्रशासन को अल्टीमेटम: कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालु दौलत सिंह व पुजारी बालकिशन ने स्पष्ट किया है कि उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस विवादित दुकान को तत्काल प्रभाव से यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए विवश होंगे। अब देखना यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर जनता के गुस्से का इंतजार करते हैं।
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