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रिपोर्टर: ईशु कुमार

Bengaluru : बेंगलुरु के शिवाजीनगर इलाके में स्थित ऐतिहासिक बोरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल (Bowring Hospital) में यह हादसा उस वक्त हुआ जब इलाके में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल की पुरानी चारदीवारी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया और पास की झुग्गी-झोपड़ियों और वहां खड़े कुछ राहगीरों पर गिर गया। मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही 8 लोगों ने दम तोड़ दिया, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

Bengaluru बचाव कार्य और प्रशासनिक कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी मलबे को हटाने के लिए क्रेन और कटर मशीनों का इस्तेमाल किया गया। घायलों को तुरंत पास के ही ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि बचाव अभियान में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

Bengaluru जर्जर बुनियादी ढांचे पर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने सरकारी भवनों और विशेष रूप से पुराने अस्पतालों की सुरक्षा ऑडिट पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल की यह दीवार काफी समय से जर्जर स्थिति में थी और स्थानीय निवासियों ने इसकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायत भी की थी। अधिकारियों की अनदेखी ने आज 8 परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। बीबीएमपी (BBMP) के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

Bengaluru मानसून से पहले सुरक्षा की चुनौती

बेंगलुरु में मानसून की दस्तक के साथ ही इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कमजोर इमारतों और पुरानी दीवारों का गिरना शहर के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। इस हादसे के बाद, प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी पुराने और असुरक्षित निर्माणों की पहचान कर उन्हें तुरंत सुरक्षित किया जाए या हटा दिया जाए। भविष्य में ऐसी अनहोनी को रोकने के लिए नगर निकाय को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि मासूमों की जान जोखिम में न पड़े।

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