KalaburagiKalaburagi
Spread the love

रिपोर्टर: ईशु कुमार

Kalaburagi : शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों और छात्रों के बीच का रिश्ता हमेशा से खास रहा है, लेकिन कर्नाटक के कलबुर्गी में गुरुओं ने अपने शिष्यों को जो इनाम दिया, उसने एक नई मिसाल पेश की है। श्री हिंगुलांबिका कन्नड़ और मराठी मीडियम हाई स्कूल के 11 होनहार छात्रों के लिए उनकी शैक्षणिक सफलता (Academic Excellence) जीवन का सबसे यादगार अनुभव बन गई। इन बच्चों की कड़ी मेहनत से खुश होकर स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ ने मिलकर अपनी जेब से उनके हवाई टिकट स्पॉन्सर किए और उन्हें पहली बार आसमान की सैर कराई।

Kalaburagi अकादमिक उत्कृष्टता का मिला सबसे खूबसूरत इनाम

अक्सर देखा जाता है कि परीक्षाओं में टॉप करने वाले छात्रों को स्कूल स्तर पर सर्टिफिकेट या मेडल देकर सम्मानित किया जाता है। लेकिन इस स्कूल के शिक्षकों ने कुछ अलग और बड़ा करने की ठानी। उन्होंने स्कूल के 11 सबसे प्रतिभाशाली और मेधावी छात्रों को उनकी बेहतरीन पढ़ाई और अंकों के लिए एक खास तोहफा देने का फैसला किया। यह तोहफा था देश की सिलिकॉन वैली यानी बेंगलुरु के एक विशेष एजुकेशनल टूर (शैक्षणिक दौरे) का, जिसकी शुरुआत ही एक रोमांचक हवाई यात्रा से हुई।

Kalaburagi पहली बार बैठे हवाई जहाज में, शिक्षकों ने सच किए सपने

इन 11 छात्रों में से अधिकांश के लिए हवाई जहाज में बैठना किसी सपने जैसा था। स्कूल के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों (Staff) ने मिलकर इस पूरे दौरे और हवाई टिकटों का खर्च खुद उठाया। जब कलबुर्गी से बेंगलुरु के लिए इन बच्चों ने उड़ान भरी, तो उनकी आंखों में पहली बार आसमान छूने की खुशी साफ देखी जा सकती थी। शिक्षकों की इस अनूठी पहल ने न सिर्फ इन बच्चों का हौसला बढ़ाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अगर इरादे नेक हों, तो सीमित संसाधनों में भी बच्चों के सपनों को उड़ान दी जा सकती है।

Kalaburagi बेंगलुरु का शैक्षणिक दौरा: अनुभव से सीख रहे बच्चे

यह केवल एक सैर-सपाटा नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए तैयार किया गया एक व्यावहारिक दौरा है। बेंगलुरु पहुंचने के बाद इन छात्रों को शहर के विभिन्न प्रमुख शैक्षणिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कराया जा रहा है। इस ट्रिप के जरिए बच्चे किताबों से इतर दुनिया को अपनी आंखों से देखकर समझ पा रहे हैं। स्कूल प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से स्कूल के बाकी छात्रों को भी आगे बढ़ने और भविष्य में कड़ी मेहनत करने की बड़ी प्रेरणा मिलेगी।

ये भी पढ़े: US-Iran Peace Agreement: जानें वो 14 बड़ी शर्तें जिन्होंने ट्रंप को झुकने पर मजबूर किया