रिपोर्टर: दीनानाथ माऔर
Aurangabad : बिहार के औरंगाबाद जिले में विकास योजनाओं के श्रेय (क्रेडिट) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। स्थानीय सांसद अभय कुशवाहा ने पूर्व सांसद पर तीखे हमले बोलते हुए एनएच-139, मेडिकल कॉलेज और बारुण सोलर प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पूर्व सांसद को सीधे डिबेट की चुनौती दी।
NH-139 फोरलेन और प्रोजेक्ट्स पर खुली डिबेट का चैलेंज
Aurangabad सांसद अभय कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024 में चुनाव जीतने के बाद से वे लगातार क्षेत्र के विकास के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि एनएच-139 को फोरलेन बनाने, मेडिकल कॉलेज की स्थापना और बारुण में सोलर प्लांट की स्वीकृति के लिए उन्होंने खुद बिहार के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से कई दौर की मुलाकातें की हैं।
पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग इन प्रोजेक्ट्स का झूठा श्रेय ले रहे हैं, वे जनता को गुमराह न करें। सांसद ने चुनौती दी कि वे इस मुद्दे पर आमने-सामने बहस (Debate) के लिए तैयार हैं। अगर वे गलत साबित हुए तो राजनीति से संन्यास ले लेंगे, अन्यथा दावा करने वाले को राजनीति छोड़नी होगी।
PPP मोड मेडिकल कॉलेज और जन-आंदोलन की चेतावनी
Aurangabad पाताल गंगा में स्वीकृत हुए PPP मोड मेडिकल कॉलेज पर अपनी बात रखते हुए सांसद ने कहा कि इस तरह के जनहित के मुद्दों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संस्थान में आम लोगों को सभी प्रकार की सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि यदि मेडिकल कॉलेज में जनता को उचित सुविधाएं और रियायतें नहीं मिलीं, तो वे जनहित में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
गृहमंत्री के दावे पर पलटवार और मुख्यमंत्री के काम की सराहना
Aurangabad प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के फैसलों का समर्थन करने पर सवाल उठाया, तो सांसद ने कहा कि सही काम की सराहना और गलत नीतियों का विरोध करना ही सच्ची राजनीति है।
वहीं, देश के गृहमंत्री द्वारा नक्सलवाद खत्म होने के दिए गए बयान पर तंज कसते हुए सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि यदि सच में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, तो फिर कई नेता आज भी नक्सलियों के डर के नाम पर भारी-भरकम सुरक्षा लेकर क्यों घूम रहे हैं? गृहमंत्री को तुरंत ऐसे नेताओं की सुरक्षा वापस लेनी चाहिए।
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