AnuppurAnuppur
Spread the love

रिपोर्टर: संजय रावत

Anuppur : मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा की बदहाली के कारण एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। देवरी गांव की रहने वाली शांति बाई केवट की अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन रविवार सुबह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। कई घंटे के उपचार के बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर न मिलने और घंटों के इंतजार के कारण महिला की जान चली गई।

8 घंटे के प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल किया गया रेफर

Anuppur परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह लगभग 7 बजे शांति बाई को गंभीर हालत में कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। वहां मौजूद चिकित्सा दल ने करीब 8 घंटे तक उनका इलाज किया, लेकिन स्थिति में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आया। मरीज की गिरती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने दोपहर लगभग 3 बजे उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

5 घंटे के लंबे इंतजार के बीच बिगड़ी हालत और दरवाजे पर टूटी सांसें

Anuppur रेफर किए जाने के तुरंत बाद परिजनों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए हेल्पलाइन पर लगातार संपर्क किया, और अस्पताल कर्मियों ने भी वाहन की व्यवस्था करने का प्रयास किया। आरोप है कि एंबुलेंस कॉल करने के करीब 5 घंटे बाद शाम को अस्पताल पहुंची। इस लंबे इंतजार के दौरान महिला की हालत पल-पल बिगड़ती गई। जब परिजन मरीज को एंबुलेंस के अंदर ले जाने लगे, तभी उन्होंने वाहन के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया।

परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

Anuppur इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग के लचर रवैये और एंबुलेंस प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, मौत की सटीक चिकित्सकीय वजह और एंबुलेंस सेवा में हुई देरी का कारण जांच पूरी होने और प्रशासनिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही साफ हो सकेगा।

ये भी पढ़े: शेखपुरा: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन