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by-Ravindra Sikarwar

गुजरात के जामनगर शहर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो समाज की नैतिकता और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ी कर रही है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति ने एक मासूम नाबालिग लड़की के साथ सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय व्यवहार किया, जो दोपहर के उजाले में व्यस्त बाजार में हुआ। यह घटना 23 सितंबर 2025 को अपरान्ह लगभग 4:30 बजे शहर के अपना बाजार इलाके में पतंजलि स्टोर के बाहर घटी। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने न केवल स्थानीय स्तर पर तीव्र प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं, बल्कि पूरे राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। वीडियो में आरोपी को स्पष्ट रूप से लड़की के प्रति अनुचित कृत्य करते देखा जा सकता है, जिसके बाद आसपास के लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से भाग निकला।

घटना का विस्तार से वर्णन: बाजार की चहल-पहल में अमानवीय कृत्य
अपना बाजार जामनगर का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग खरीदारी के लिए आते हैं। पंचेश्वर टावर के निकट स्थित पतंजलि स्टोर के बाहर लड़की दुकान के पास खड़ी थी, संभवतः कोई सामान खरीदने या इंतजार करने के लिए। तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति उसके करीब आया और बिना किसी हिचकिचाहट के उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। वीडियो फुटेज में दिखाया गया है कि आरोपी ने लड़की के शरीर को अनुचित तरीके से छुआ और अश्लील इशारे किए, जबकि लड़की डर और घबराहट से जकड़ गई। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने शोर मचाकर आरोपी को रोका, लेकिन तब तक वह भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया।

लड़की की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच बताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक रूप से यह सार्वजनिक नहीं किया गया है। घटना के समय बाजार में अच्छी-खासी भीड़ थी, फिर भी आरोपी की हिम्मत ने सभी को स्तब्ध कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक ने लड़की को बचाने के लिए आरोपी पर हाथ डाला, लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया। वीडियो को एक स्थानीय ने रिकॉर्ड किया और तुरंत जामनगर पुलिस को सूचित किया। यह वीडियो 25 अक्टूबर 2025 को सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद वायरल हो गया, जिसके व्यूज लाखों में पहुंच चुके हैं।

पुलिस की कार्रवाई: पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी की तलाश तेज
वीडियो वायरल होते ही जामनगर पुलिस ने त्वरित कदम उठाया। शहर के पुलिस अधीक्षक ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि मामला बच्चों का यौन शोषण से संरक्षण अधिनियम (पॉस्को एक्ट) के तहत दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की पहचान कर ली गई है—वह स्थानीय निवासी है, जिसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई जा रही है—और उसकी तलाश में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोपी के ठिकानों पर दबिश दी है, और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई है।

जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह जडेजा ने कहा, “यह घटना बेहद शर्मनाक है। हम पूरे शहर में सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से आरोपी को पकड़ने के लिए कृतसंकल्प हैं। पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है।” पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी हो, तो हेल्पलाइन 100 या स्थानीय थाने पर संपर्क करें। गुजरात सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, राज्य स्तर पर नाबालिगों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है।

सोशल मीडिया पर जनाक्रोश: ‘शैतान का रूप’ और सख्त सजा की मांग
सोशल मीडिया पर इस घटना ने तहलका मचा दिया है। हजारों यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, “मानव रूप में शैतान! दिन के उजाले में ऐसी हरकत? अगर लड़की अकेली होती तो क्या होता, सोचकर ही डर लगता है। जामनगर पुलिस, कड़ी सजा दो।” एक अन्य ने कहा, “बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल? समाज की गिरती मर्यादा को रोकने के लिए कानून सख्त होने चाहिए।” #JamnagarMolestation, #ProtectOurGirls और #POCSOAct जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। महिलाओं के अधिकार संगठनों ने भी बयान जारी कर कहा है कि ऐसी घटनाएं महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की कड़ी हैं, और तत्काल न्याय सुनिश्चित किया जाए।

गुजरात में हाल के महीनों में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की संख्या में 15% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस घटना को और गंभीर बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर भी निगरानी की कमी इसकी प्रमुख वजह है।

घटना की मुख्य विशेषताएं: तथ्यों की झलक

  • स्थान: अपना बाजार रोड, पंचेश्वर टावर के निकट, पतंजलि स्टोर के बाहर, जामनगर।
  • तारीख और समय: 23 सितंबर 2025, दोपहर 4:30 बजे।
  • आरोपी: बुजुर्ग व्यक्ति (उम्र 60+ वर्ष, स्थानीय निवासी; नाम अज्ञात)।
  • पीड़िता: नाबालिग लड़की (उम्र 12-14 वर्ष, गोपनीयता के कारण विवरण सीमित)।
  • साक्ष्य: वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शी बयान।
  • कानूनी कार्रवाई: पॉस्को एक्ट के तहत एफआईआर, आरोपी फरार।

ऐसी घटनाओं से बचाव: क्या करें तुरंत?

  • तत्काल सहायता: अगर कोई संदिग्ध हरकत दिखे, तो 100 या 112 पर कॉल करें। वीडियो या फोटो रिकॉर्ड करें, लेकिन पीड़िता की गोपनीयता का ध्यान रखें।
  • जागरूकता अभियान: परिवारों को बच्चों को सशक्त बनाना सिखाएं; स्कूलों में सेल्फ-डिफेंस क्लासेस अनिवार्य करें।
  • कानूनी सहारा: महिला हेल्पलाइन 181 या चाइल्डलाइन 1098 पर संपर्क। पीड़ित परिवारों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध।
  • समाज की भूमिका: बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी और गश्त बढ़ाएं। पुरुषों को भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

यह घटना समाज को झकझोर रही है और याद दिला रही है कि बच्चों की सुरक्षा हर किसी की साझा जिम्मेदारी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं का साहस ही न हो। पीड़िता के परिवार के प्रति संवेदना और न्याय की कामना।