by-Ravindra Sikarwar
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में मंगलवार सुबह फ्रांसीसी प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यालय ‘होटल मैटिनन’ के ठीक सामने एक वैन में आग लगने के बाद तीन जोरदार विस्फोटों की गूंज सुनी गई, जो पूर्व प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के इस्तीफे के महज एक दिन बाद हुई। यह घटना राजनीतिक अस्थिरता के बीच सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रही है, हालांकि प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटना करार दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धधकती वैन और आपातकालीन सेवाओं की हलचल साफ दिखाई दे रही है, लेकिन आग को तुरंत काबू में कर लिया गया और कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।
घटना की पूरी कालक्रम:
घटना मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे (स्थानीय समय) वारेन सड़क (रू डे वारेन) पर हुई, जो पेरिस के 7वें अरंडिसमेंट (जिले) में स्थित है। गवाहों के अनुसार, पहले तीन तेज धमाकों की आवाज आई, उसके तुरंत बाद एक सफेद रंग की वैन में भीषण आग लग गई। वैन सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था कंपनी ‘सिटेलिस’ की बताई जा रही है, जो सड़क पर पार्क थी। स्थानीय मीडिया ‘ले पेरिसियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोटों के बाद आसपास के लोग घबरा गए, लेकिन आग वैन तक ही सीमित रही और आसपास की इमारतों तक नहीं फैली।
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। एक फायरफाइटर ने संवाददाताओं को बताया कि विस्फोट वैन में रखे छोटे एरोसोल कैनिस्टरों (स्प्रे डिब्बों) के फटने से हुए, जो मैकेनिकल खराबी के कारण भड़की आग से सक्रिय हो गए। वैन के अंदर गैस सिलेंडर भी होने की बात कही जा रही है, जिसके चलते पुलिस ने शुरुआत में और विस्फोटों की आशंका जताई थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सड़क को तत्काल अवरुद्ध कर दिया गया और बैरिकेड लगाकर प्रवेश बंद कर दिया गया। घटनास्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद घटी, जब वे होटल मैटिनन में राजनीतिक नेताओं के साथ देश के भविष्य पर चर्चा के लिए बैठक करने वाले थे। लेकोर्नू ने सोमवार को अपना इस्तीफा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को सौंप दिया था, जो मात्र 27 दिनों (9 सितंबर से 6 अक्टूबर तक) के कार्यकाल के बाद हुआ। उनका यह कार्यकाल फ्रांसीसी इतिहास का सबसे छोटा प्रधानमंत्री कार्यकाल बन गया।
लेकोर्नू का इस्तीफा: राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि
सेबेस्टियन लेकोर्नू को 9 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति मैक्रॉन ने प्रधानमंत्री नियुक्त किया था, जब पिछली सरकार अविश्वास प्रस्ताव से गिर गई थी। लेकोर्नू ने रविवार को ही अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा की थी, जिसमें अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया था। लेकिन सोमवार को ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण स्पष्ट नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसदीय बहुमत की कमी और आर्थिक चुनौतियों ने उन्हें मजबूर किया। फ्रांस में संसदीय चुनावों के बाद से राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है, जहां कोई भी पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाई।
लेकोर्नू के इस्तीफे ने देश को नई राजनीतिक अनिश्चितता में डाल दिया है। वित्तीय बाजारों में हलचल मच गई, और यूरोपीय शेयर सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रपति मैक्रॉन को अब नया प्रधानमंत्री चुनना होगा, जो संसद में समर्थन जुटा सके। विपक्षी दलों ने इसे ‘मैक्रॉन की विफलता’ करार दिया है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता इसे ‘रणनीतिक कदम’ बता रहे हैं। लेकोर्नू, जो पहले रक्षा मंत्री रह चुके थे, ने इस्तीफे के बाद कहा, “यह निर्णय देश हित में लिया गया है।”
सुरक्षा और जांच की स्थिति:
घटना के बाद पेरिस पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, इसे किसी सुनियोजित हमले या आतंकी घटना से जोड़ा नहीं जा रहा, बल्कि एक सामान्य दुर्घटना माना जा रहा है। वैन के मालिक कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि यह उनके रखरखाव वाहन था, जो रूटीन काम के लिए पार्क किया गया था। फोरेंसिक टीम वैन के अवशेषों की जांच कर रही है ताकि सटीक कारण पता चल सके।
फ्रांस में हाल के वर्षों में राजनीतिक अस्थिरता के बीच सुरक्षा घटनाएं बढ़ी हैं। जुलाई 2024 के संसदीय चुनावों के बाद से पेरिस में विरोध प्रदर्शनों और छोटे-मोटे संघर्षों की बाढ़ आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं, भले ही दुर्घटना लगें, राजनीतिक तनाव को और भड़का सकती हैं। पेरिस के मेयर ने ट्वीट कर कहा, “शहर की सुरक्षा प्राथमिकता है, और हम हर संभावना की जांच करेंगे।”
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें आग की लपटें और धुआं साफ दिख रहा है। कई यूजर्स ने इसे ‘संदिग्ध समय’ पर हुई घटना बताते हुए सवाल उठाए हैं, लेकिन आधिकारिक स्रोतों ने इसे खारिज किया है। फ्रांसीसी सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय की सुरक्षा सतर्कता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यह घटना फ्रांस के उथल-पुथल भरे राजनीतिक माहौल को और उजागर करती है, जहां छोटी-सी चिंगारी भी बड़ा विवाद पैदा कर सकती है। राष्ट्रपति मैक्रॉन को अब जल्द नई सरकार गठन की दिशा में कदम उठाने होंगे, ताकि देश स्थिरता की राह पर लौट सके।
