by-Ravindra Sikarwar
गाजा सिटी में इजरायल के टैंक और हमले तेज, 65,000 से ज्यादा मौतें, 90% आबादी बेघर। मानवीय संकट गहराया, लाखों लोग सुरक्षित जगह की तलाश में।
गाजा सिटी में युद्ध का नया अध्याय:
गाजा सिटी इन दिनों युद्ध और तबाही का दूसरा नाम बन चुका है। इजरायल की सेना ने सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी है। सैनिक और टैंक शहर के अंदर तक पहुंच चुके हैं, जिससे हजारों फिलिस्तीनी अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में भाग रहे हैं।
बीते कुछ दिनों में इजरायली एयरफोर्स और तोपों ने 150 से ज्यादा हमले किए हैं। ऊंची इमारतें ढह चुकी हैं और अस्थायी टेंट कैंपों में रह रहे हजारों लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है। इजरायल का दावा है कि इन इमारतों का इस्तेमाल हमास अपने ठिकाने के तौर पर कर रहा था।
मौत का आंकड़ा और मानवीय संकट:
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि अब तक 65,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1.65 लाख से अधिक लोग घायल हुए हैं।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार गाजा की 90% आबादी बेघर हो चुकी है।
- बमबारी और हमलों के कारण गाजा सिटी में भुखमरी और अकाल की स्थिति बन गई है।
- पिछले एक महीने में 2.38 लाख से ज्यादा लोग उत्तरी गाजा से पलायन कर चुके हैं, लेकिन लाखों अब भी फंसे हैं।
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले से शुरू हुआ था, जिसमें करीब 1,200 लोगों की मौत और 251 लोगों के बंधक बनाए जाने की पुष्टि हुई थी।
भागने के लिए खोला गया रास्ता, लेकिन टूटा संपर्क:
इजरायली सेना ने गाजा सिटी से दक्षिण की ओर निकलने के लिए 2 दिन का नया रास्ता खोला है। लेकिन उत्तरी गाजा में हुए हमलों से इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद हो गईं।
इस वजह से लोग न तो मदद के लिए कॉल कर पा रहे हैं और न ही निकासी की योजना बना पा रहे हैं। फिलिस्तीनी टेलीकॉम अथॉरिटी ने कहा कि गाजा सिटी के नागरिक बाहरी दुनिया से कट गए हैं।
हमास और कतर की प्रतिक्रिया:
हमास के वरिष्ठ नेता गाजी हमद ने कतर से बयान जारी करते हुए अमेरिका पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अमेरिका शांति वार्ता में कभी भी निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं रहा।
कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इजरायल की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे “फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार युद्ध का विस्तार” बताया।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों की चेतावनी:
20 से ज्यादा मानवीय संगठनों, जिनमें नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल, अनीरा और सेव द चिल्ड्रन शामिल हैं, ने इजरायल की कार्रवाई पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा: “गाजा में जो हो रहा है, वह सिर्फ एक मानवीय संकट नहीं बल्कि नरसंहार है। दुनिया को सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस राजनैतिक, आर्थिक और कानूनी कदम उठाने होंगे।”
इजरायल का दावा और भविष्य की योजना:
इजरायली सेना का कहना है कि उनका लक्ष्य गाजा में मौजूद हमास के आतंकियों को खत्म करना है। सेना का अनुमान है कि शहर में अभी भी 2,000–3,000 हमास लड़ाके छिपे हैं, जो भूमिगत सुरंगों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इजरायल ने साफ किया है कि वह गाजा सिटी पर पूरी तरह नियंत्रण चाहता है, सिवाय तटीय इलाके के कुछ हिस्सों के। लेकिन इस युद्ध ने पहले ही गाजा को तबाही के कगार पर खड़ा कर दिया है।
गाजा-इजरायल संघर्ष 2025 केवल दो पक्षों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए एक मानवीय चुनौती बन चुका है। लाखों फिलिस्तीनी अपने घर, जीवन और भविष्य खो रहे हैं। सवाल अब यह है कि क्या वैश्विक समुदाय समय रहते इस नरसंहार को रोक पाएगा?

