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by-Ravindra Sikarwar

रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से 97 और लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) ‘तेजस’ मार्क 1ए जेट खरीदने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाने और घरेलू रक्षा विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लिया गया है।

सौदे का विवरण

  • विमानों की संख्या: 97
  • निर्माता: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
  • मॉडल: लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) ‘तेजस’ मार्क 1ए
  • अनुमानित लागत: इस सौदे की कुल लागत ₹65,000 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। इसमें विमानों के साथ-साथ उनके उपकरण और सपोर्ट पैकेज भी शामिल हैं।

तेजस मार्क 1ए: एक उन्नत संस्करण:
तेजस मार्क 1ए, मौजूदा तेजस एमके1 का एक उन्नत संस्करण है। इसमें 43 से अधिक सुधार शामिल हैं, जो इसे और अधिक प्रभावी बनाते हैं। इन उन्नयनों में उन्नत रडार (AESA – Active Electronically Scanned Array), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सूट, और हवा में ईंधन भरने की क्षमता शामिल है। यह भारतीय वायुसेना के बेड़े में पुराने मिग-21 लड़ाकू विमानों की जगह लेगा।

भारत के रक्षा क्षेत्र पर प्रभाव:
यह खरीद ‘मेक इन इंडिया’ पहल के लिए एक बड़ा बढ़ावा है।

  1. घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन: यह सौदा HAL की उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगा और भारत को लड़ाकू विमानों के निर्माण में और अधिक आत्मनिर्भर बनाएगा।
  2. रोज़गार सृजन: इससे रक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।
  3. निर्यात की संभावना: स्वदेशी तकनीक पर आधारित इस विमान की सफलता भविष्य में इसके निर्यात के द्वार भी खोल सकती है, जिससे भारत एक रक्षा निर्यातक के रूप में अपनी पहचान बना सकेगा।

भारतीय वायुसेना ने पहले ही 83 तेजस मार्क 1ए विमानों का ऑर्डर दिया हुआ है। इस नए ऑर्डर के साथ, कुल ऑर्डर की संख्या 180 तक पहुंच जाएगी। यह कदम भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और विदेशी निर्भरता को कम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।