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by-Ravindra Sikarwar

अहमदाबाद: अहमदाबाद में हुए एक भीषण विमान हादसे में एयर इंडिया की उड़ान AI 171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से 241 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए। इस दुखद घटना में जमीन पर भी 29 लोगों की जान चली गई, जिससे मृतकों की कुल संख्या 270 हो गई। आज, इस त्रासदी में जान गंवाने वाले एक चालक दल के सदस्य का अंतिम संस्कार किया गया, जिसने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है।

यह भयानक दुर्घटना 12 जून को तब हुई जब लंदन जा रही एयर इंडिया की यह उड़ान अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान एक मेडिकल कॉलेज परिसर से जा टकराया, जिसके परिणामस्वरूप भारी संख्या में लोगों की मौत हुई। इस त्रासदी में एक ब्रिटिश व्यक्ति के रूप में एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति की पहचान हुई है, जिसने दुर्घटना के भयानक अनुभव के बारे में बात की है। उनकी आपबीती ने घटना की भयावहता को और भी स्पष्ट कर दिया है।

इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार गहरे सदमे और अथाह दुख से जूझ रहे हैं। एयर इंडिया ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है और इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है। हालांकि, इस त्रासदी का एयर इंडिया पर गहरा व्यावसायिक प्रभाव पड़ा है। इस घटना के बाद से एयर इंडिया की बुकिंग में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जो सार्वजनिक विश्वास पर इस दुखद घटना के प्रभाव को दर्शाता है।

इस दुर्घटना को मीडिया द्वारा व्यापक रूप से कवर किया गया है, जिसमें पीड़ितों, जीवित बचे लोगों और चल रही जांच पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना भारतीय विमानन इतिहास की सबसे दुखद दुर्घटनाओं में से एक है, जिसने सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

इस दुखद घटना पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? क्या आपको लगता है कि एयरलाइन उद्योग को ऐसी आपदाओं के बाद जनता का विश्वास वापस जीतने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए?

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