रिपोर्टर: मनोज कुमार
Katihar : बिहार के कटिहार जिले के बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहाँ की किरोड़ा पंचायत (वार्ड नंबर 10, कोलटोला बालूगंज) में रहने वाले लगभग 300 परिवार आज के आधुनिक दौर में भी एक अदद पक्के पुल के लिए तरस रहे हैं। बरसात का मौसम शुरू होते ही इन ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं और वे महानंदा नदी की उपधारा पर बने बांस के अस्थायी ‘चचरी पुल’ के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल उन्हें इसी तरह जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
Katihar स्कूली बच्चों और मरीजों के लिए बना काल, फाइलों में दबी रह गई मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के बीच से गुजरने वाली इस बरसाती नदी पर स्थायी पुल न होने के कारण मानसून के समय स्थिति बेहद भयावह हो जाती है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को इसी खतरनाक चचरी पुल से गुजरना पड़ता है। इस दौरान कई बार लोग अनियंत्रित होकर नदी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय निवासी मो. शमीम ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पुल के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुँचाने में होती है। बरसात के दिनों में एम्बुलेंस गांव तक नहीं आ पाती, जिसके कारण मरीजों को खाट पर लादकर ले जाना पड़ता है। इसके अलावा किसानों को अपनी फसल और कृषि उत्पाद भी सिर पर लादकर पार कराने पड़ते हैं।
Katihar सांसदों और विधायकों के चक्कर काट थक चुके हैं ग्रामीण
अपनी इस विकराल समस्या को लेकर किरोड़ा पंचायत के लोग पिछले लंबे समय से प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पक्के पुल के निर्माण के लिए पूर्व सांसद दुलालचंद गोस्वामी, पूर्व विधायक कामरेड महबूब आलम और वर्तमान सांसद तारिक अनवर को कई बार लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन नेताओं के तमाम आश्वासनों के बावजूद अब तक धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ और ग्रामीणों की यह जायज मांग सरकारी फाइलों की धूल फांक रही है।
Katihar “सीमांचल के लोगों के साथ कब तक होगी नाइंसाफी?” – एआईएमआईएम (AIMIM)
इस गंभीर मुद्दे पर एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने क्षेत्र की इस दुर्दशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर कब तक सीमांचल के प्रमुख जिले कटिहार के लोगों के साथ यह नाइंसाफी जारी रहेगी? बुनियादी सुविधाएं पाना देश के हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।” उन्होंने वर्तमान बलरामपुर विधायक संगीता देवी और कटिहार सांसद तारिक अनवर से अपील की कि वे जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को समझें और इस जनहित के मुद्दे को सदन में पुरजोर तरीके से उठाएं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पक्के पुल के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल किरोड़ा पंचायत के सैकड़ों लोग प्रशासन और सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।

