by-Ravindra Sikarwar
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक ले जाने वाले एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) के प्रक्षेपण को एक बार फिर टाल दिया गया है। पहले यह रविवार (22 जून) को लॉन्च होने वाला था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है, और नई तारीख की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है। यह एक्सिओम मिशन 4 के प्रक्षेपण में छठी बार की देरी है, जो एक निजी अंतरिक्ष उड़ान है और इसे एक्सिओम स्पेस द्वारा स्पेसएक्स और नासा के साथ मिलकर संचालित किया जा रहा है।
नासा ने बताई देरी की वजह:
नासा ने एक बयान में कहा है कि उसे “अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के संचालन का मूल्यांकन जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय” की आवश्यकता है। यह मूल्यांकन विशेष रूप से ऑर्बिटल प्रयोगशाला के ज़्वेज़्दा सेवा मॉड्यूल के सबसे पिछले (पिछवाड़े) खंड में हाल ही में हुए मरम्मत कार्य के बाद किया जा रहा है।
नासा ने आगे स्पष्ट किया, “अंतरिक्ष स्टेशन की आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर प्रणालियों के कारण, नासा यह सुनिश्चित करना चाहता है कि स्टेशन अतिरिक्त चालक दल के सदस्यों को प्राप्त करने के लिए तैयार है, और एजेंसी डेटा की समीक्षा के लिए आवश्यक समय ले रही है।”
एक्सिओम-4 मिशन का चालक दल:
एक्सिओम-4 के चालक दल में चार सदस्य शामिल हैं:
- पेगी व्हिट्सन: पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री और एक्सिओम स्पेस में मानव अंतरिक्ष उड़ान की निदेशक, जो मिशन कमांडर के रूप में कार्य करेंगी।
- शुभांशु शुक्ला: भारतीय अंतरिक्ष यात्री, जो मिशन के पायलट के रूप में कार्य करेंगे। (यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शुभांशु शुक्ला ISRO के गगनयान कार्यक्रम के लिए भी चुने गए चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं, लेकिन इस विशेष मिशन पर वह Axiom Space के साथ उड़ान भर रहे हैं)।
- स्लाओस उज़नांस्की-विस्निव्स्की: पोलैंड के, जो मिशन विशेषज्ञ के रूप में कार्य करेंगे।
- टिबॉर कापू: हंगरी के, जो मिशन विशेषज्ञ के रूप में कार्य करेंगे।
नासा के अनुसार, चालक दल वर्तमान में फ्लोरिडा में क्वारंटाइन में है, और अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के तैयार होते ही लॉन्च के लिए तैयार हैं।
मिशन का महत्व:
एक्सिओम मिशन 4 का उद्देश्य निजी अंतरिक्ष उड़ानों को बढ़ावा देना और ISS पर अनुसंधान तथा व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करना है। शुभांशु शुक्ला की इस मिशन में भागीदारी भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अनुभव प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, भले ही भारत का अपना गगनयान कार्यक्रम चल रहा हो। यह अंतरिक्ष अन्वेषण में बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी दर्शाता है।
