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मुरादाबाद/लखनऊ: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप में रामपुर के रहने वाले शहजाद नामक एक व्यक्ति को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। एटीएस को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि शहजाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तस्करी के अवैध कारोबार में लिप्त है और उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का संरक्षण प्राप्त है। जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद इस तस्करी की आड़ में ISI के लिए जासूसी कर रहा था और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था।

पुलिस के अनुसार, शहजाद पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान आता-जाता था और चोरी-छिपे भारत और पाकिस्तान के बीच सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, मसाले और अन्य सामान गैरकानूनी रूप से सीमा पार ले जाता था। इसी अवैध व्यापार की आड़ में वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहा था। एटीएस की पड़ताल में पता चला है कि शहजाद के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एजेंटों के साथ गहरे संबंध हैं और वह उनसे लगातार संपर्क में रहता था।

यूपी पुलिस के मुताबिक, शहजाद ने भारत की सुरक्षा से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों के साथ साझा की थीं। इस सूचना के पुख्ता होने पर थाना-एटीएस, लखनऊ में मु.अ.सं.-04/25, धारा-148, 152 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एटीएस की जांच में यह भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि शहजाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कहने पर कई बार भारत में मौजूद उनके एजेंटों को पैसे भी उपलब्ध कराता था। इसके अलावा, वह रामपुर और उत्तर प्रदेश के कई अन्य हिस्सों से भी लोगों को तस्करी की आड़ में ISI के लिए काम करने के उद्देश्य से पाकिस्तान भेजता था। इन लोगों के वीजा आदि का इंतजाम भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों द्वारा करवाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद ने भारत के खिलाफ जासूसी करने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एजेंटों को भारतीय सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए थे, ताकि वे आसानी से संपर्क में रह सकें।

गिरफ्तार शहजाद से एटीएस की टीम गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उसके नेटवर्क और ISI से उसके संबंधों की पूरी जानकारी मिल सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने किन-किन संवेदनशील जानकारियों को साझा किया और कितने लोगों को ISI के लिए भर्ती कर पाकिस्तान भेजा।

वहीं, शहजाद की पत्नी राजिया ने अपने पति को बेकसूर बताया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति कपड़े का व्यापार करते हैं और उसी सिलसिले में पाकिस्तान जाते-आते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति कोई पाकिस्तानी जासूस नहीं हैं और जैसे वे काम करते हैं, वैसे ही दूसरे लोग भी यहां व्यापार कर रहे हैं और पाकिस्तान के साथ उनका भी कारोबार है।

फिलहाल, एटीएस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और उम्मीद है कि पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं, जिससे ISI के भारत में फैले नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी। इस गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।