
नई दिल्ली: हाल ही में भारतीय सेना द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद, सरकार ने विपक्षी दलों को इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी देने और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। यह महत्वपूर्ण बैठक अब समाप्त हो चुकी है।
बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य महत्वपूर्ण नेता शामिल हुए।
बैठक का मुख्य एजेंडा सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की विस्तृत जानकारी देना और देश की सुरक्षा से जुड़े भविष्य के कदमों पर विचार-विमर्श करना था।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में देश और सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “संकट की घड़ी में हम देश और सरकार के साथ हैं। हमें सरकार की कोई आलोचना नहीं करनी।” हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि कुछ संवेदनशील जानकारी ऐसी थी, जिसे गोपनीयता का हवाला देते हुए विपक्षी नेताओं के साथ साझा नहीं किया गया।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के साथ खड़ी है।
बैठक से पहले, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि सरकार का यह कर्तव्य है कि वह देश की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण सैन्य ऑपरेशन की जानकारी सभी राजनीतिक दलों को दे।
यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद भी 24 अप्रैल को पार्लियामेंट एनेक्सी में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उस आतंकी घटना की जानकारी साझा की गई थी। इसके लगभग 15 दिन बाद ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के अंदर घुसकर हवाई हमले किए, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया।
विपक्ष की मांग: प्रधानमंत्री भी हों बैठक में शामिल:
बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की मांग की थी। जयराम रमेश ने मीडिया से बातचीत में कहा था, “हमने 24 अप्रैल को भी प्रधानमंत्री से मीटिंग में शामिल होने की मांग की थी, लेकिन वे नहीं आए। इस बार उन्हें मीटिंग में शामिल होना चाहिए।”
पवन खेड़ा ने भी इसी भावना को व्यक्त करते हुए कहा था, “हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मीटिंग में मौजूद रहें। जिससे ऐसा संदेश जाए कि पीएम पूरे विपक्ष को साथ बैठाकर चर्चा कर रहे हैं। जब देश एक आवाज में बोलेगा तो दुनिया को सुनना ही पड़ेगा।” हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने टाला तीन देशों का दौरा:
देश में मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी 13 से 17 मई तक प्रस्तावित अपने तीन देशों (नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड) के दौरे को रद्द कर दिया है। यह निर्णय देश की सुरक्षा और आंतरिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने की सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय वायुसेना द्वारा 6-7 मई की रात को पाकिस्तान में किए गए एक जवाबी सैन्य कार्रवाई थी। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रत्युत्तर में किया गया था। इस 25 मिनट के ऑपरेशन में भारतीय सेना ने बहादुरी का परिचय देते हुए 24 मिसाइलों के जरिए पाकिस्तान स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था।
सेना द्वारा लक्षित किए गए ये नौ ठिकाने बहावलपुर, मुरीदके, चक अमरू, सियालकोट, भीमबेर, गुलपुर, कोटली, बाघ और मुजफ्फराबाद में स्थित थे। इन स्थानों पर आतंकवादियों को लंबे समय से प्रशिक्षण दिया जा रहा था और ये भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और जवाबी कार्रवाई की क्षमता का स्पष्ट प्रदर्शन था।
