
नई दिल्ली: पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों ने अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक कर दिया है। 1 अप्रैल को हुई सभी न्यायाधीशों की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया था। अब, न्यायालय की वेबसाइट पर 33 में से 21 न्यायाधीशों की संपत्ति की जानकारी अपलोड कर दी गई है। यह भी बताया गया है कि शेष 12 न्यायाधीशों की संपत्ति का विवरण भी जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। न्यायाधीशों ने अपनी और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद फ्लैट/मकान, पैतृक संपत्ति, कृषि भूमि, बैंक खाते और आभूषणों जैसी संपत्तियों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की है।
मुख्य न्यायाधीश (भावी) न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की संपत्ति:
वर्तमान में कार्यरत न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, जो भविष्य में मुख्य न्यायाधीश बनने वाले हैं, ने अपनी संपत्ति का विस्तृत ब्यौरा दिया है। उनके पास निम्नलिखित संपत्तियां हैं:
- आवासीय संपत्ति:
- दक्षिण दिल्ली में एक 3 बेडरूम का फ्लैट।
- दिल्ली के कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में 4 बेडरूम का एक फ्लैट, जिसके साथ दो पार्किंग स्थल भी हैं।
- गुरुग्राम में एक फ्लैट में 56% हिस्सेदारी।
- हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में पैतृक संपत्ति में उनका हिस्सा।
- वित्तीय संपत्ति: न्यायमूर्ति खन्ना ने अपने बैंक खाते, भविष्य निधि (पीएफ) खाते, शेयर और सोने से संबंधित जानकारियां भी सार्वजनिक की हैं।
- परिवार की संपत्ति: उन्होंने अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्ति का भी खुलासा किया है।
वरिष्ठतम न्यायाधीश (भावी CJI) न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई की संपत्ति:
वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई, जो 14 मई से मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालने वाले हैं, ने भी अपनी संपत्ति का विवरण साझा किया है। उनके पास निम्नलिखित संपत्तियां हैं:
- आवासीय और कृषि भूमि:
- महाराष्ट्र के अमरावती में एक मकान और कृषि भूमि, जो उन्हें अपने स्वर्गीय पिता से विरासत में मिली है।
- मुंबई के बांद्रा और दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में फ्लैट।
- नागपुर में कृषि भूमि।
- वित्तीय संपत्ति: न्यायमूर्ति गवई ने अपने बैंक खाते और सोने जैसी संपत्ति के बारे में जानकारी दी है।
- परिवार की संपत्ति: उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर मौजूद संपत्ति का भी विवरण दिया है।
सभी न्यायाधीशों की संपत्ति वेबसाइट पर अपलोड:
उच्चतम न्यायालय के सभी 21 न्यायाधीशों की संपत्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी अब न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ी चर्चाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। माना जा रहा है कि इस खुलासे से आम लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा। संपत्ति की घोषणा को लेकर न्यायाधीशों की पूर्ण पीठ की बैठक में पारित प्रस्ताव भविष्य में भी लागू रहेगा, जिसका अर्थ है कि नए नियुक्त होने वाले न्यायाधीशों को भी अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करना होगा।
यह पहल न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सार्वजनिक किए गए संपत्ति विवरण से नागरिकों को यह जानने में मदद मिलेगी कि उनके सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पास कितनी संपत्ति है और यह जानकारी संभावित हितों के टकराव से बचने में भी सहायक हो सकती है।
