रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल जिले की एक होनहार छात्रा ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पिपरा प्रखंड के रामनगर स्थित अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय की नौवीं कक्षा की छात्रा देवयानी कुमारी का चयन 32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के आगामी परियोजना संवर्द्धन कार्यक्रम के लिए हुआ है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे जिले और विद्यालय परिवार में जश्न का माहौल है।
बेगूसराय में लहराया परचम, मिला राज्य स्तर पर मौका
Supaul देवयानी ने जिला स्तर पर अपनी बेहतरीन परियोजना प्रस्तुत कर शानदार सफलता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने 1 से 3 नवंबर तक बेगूसराय में आयोजित राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में भाग लिया। विभिन्न जिलों से आए कड़े प्रतिस्पर्धियों के बीच उन्होंने अपनी वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्ट प्रस्तुति से जजों को प्रभावित किया, जिसके दम पर उनका चयन नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने वाले संवर्द्धन कार्यक्रम के लिए किया गया है।
ग्रामीण परिवेश की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
Supaul सरकारी आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करने वाली देवयानी की यह उपलब्धि ग्रामीण इलाकों की अन्य छात्राओं के लिए एक मिसाल है। यह सफलता साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और लगन हो, तो संसाधनों की कमी के बावजूद बेटियां राज्य स्तर पर अपनी अनूठी पहचान बना सकती हैं। उनकी इस कामयाबी से स्कूल की अन्य छात्राओं में भी विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ी है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध को मिला बढ़ावा
Supaul बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों के भीतर छिपी वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता और अनुसंधान की प्रवृत्ति को बाहर लाना है। इस प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को वैज्ञानिक नजरिए से परखने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने का मंच मिलता है। देवयानी की इस उपलब्धि से उम्मीद है कि वह आगामी चरणों में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सुपौल जिले का नाम और रोशन करेंगी।
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