Supreme Court:दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम निर्देश जारी किया है। सर्वोच्च अदालत ने आगामी दीपावली के अवसर पर क्षेत्र में सीमित समय के लिए ग्रीन पटाखे जलाने की सशर्त अनुमति दे दी है। अदालत के इस फैसले से लोगों को त्योहार पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
सुबह और शाम के लिए तय हुआ समय
Supreme Court:अन्यायालय के निर्देशानुसार, दिल्ली-एनसीआर में 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे चलाने की छूट रहेगी। इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है, जिसके तहत सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात में 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल पूर्ण प्रतिबंध लगाने से प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, क्योंकि पहले के प्रतिबंधों के बावजूद अवैध बिक्री पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई थी। यही वजह है कि कुछ निश्चित नियमों के साथ ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी जा रही है।
इन संवेदनशील इलाकों में पटाखे जलाने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्ध आश्रमों और अन्य निर्धारित शांत क्षेत्रों से 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने की सख्त मनाही होगी। इसके अलावा सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान भी इस प्रतिबंधित दायरे में आएंगे। अदालत का मानना है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
केवल क्यूआर कोड वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखों की होगी बिक्री
Supreme Court:न्यायालय ने यह भी सुनिश्चित किया है कि केवल उन्हीं ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री की अनुमति होगी जिन्हें CSIR-NEERI और PESO से आधिकारिक मंजूरी मिली हो।
- इन पटाखों का निर्माण 2 से 6 नवंबर के बीच किया जा सकेगा।
- सभी डिब्बे पूरी तरह सील होने चाहिए ताकि उनमें प्रतिबंधित पटाखे न मिलाए जा सकें।
- हर डिब्बे पर एक वैध QR कोड होना अनिवार्य है, जिसे स्कैन करने पर निर्माता और लाइसेंस से जुड़ी सारी जानकारी मिल सके।
- बेरियम युक्त पटाखों, बिना मंजूरी वाले उत्पादों और पटाखों की लड़ियों (माला) के निर्माण व बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
बिक्री के लिए नियम और निगरानी के निर्देश
प्रशासन द्वारा दिल्ली-NCR में केवल तयशुदा दुकानों पर ही पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जाएगी। ऑनलाइन माध्यमों से इनकी बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दिवाली से पहले, त्योहार के दौरान और उसके बाद (2 नवंबर से 30 नवंबर तक) वायु गुणवत्ता (AQI) की निरंतर निगरानी करें और अपनी रिपोर्ट तैयार करें।
9 नवंबर से फिर लागू हो जाएगा कड़ा प्रतिबंध
Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन पटाखों को लेकर दी गई यह ढील पूरी तरह अस्थायी है। 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध दोबारा लागू हो जाएगा। यदि कोई अधिकारी या व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। अंत में, अदालत ने देश के जाने-माने, खिलाड़ियों और मशहूर हस्तियों से भी अपील की है कि वे नागरिकों को सुरक्षित और कम प्रदूषण वाली दिवाली मनाने के लिए जागरूक करें।

