रिपोर्टर: संजय शर्मा
Chhatarpur : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने एक बयान को लेकर फिर से सुर्खियों और विवादों में आ गए हैं। मध्य प्रदेश के करेरा में आयोजित अपनी कथा के दौरान भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए उन्होंने कुछ ऐसी बातें कह दीं, जिसके वायरल होने के बाद विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
‘श्रीकृष्ण का रूप और चाल टेढ़ी’: बयान के बाद छिड़ा संग्राम
Chhatarpur कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अपनी तस्वीरों में अक्सर तीन जगह से मुड़े (त्रिभंगी मुद्रा) हुए नजर आते हैं—पैर, कमर और गर्दन झुकाकर बांसुरी बजाते हैं। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को सीधा और श्रीकृष्ण के रूप व अंदाज को ‘टेढ़ा’ करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने बांसुरी बजाने की तुलना धनुष चलाने से करते हुए कहा कि बांसुरी बजाना आसान काम है, जबकि धनुष संभालना हर किसी के बस की बात नहीं।
सोशल मीडिया पर बयान वायरल, दो धड़ों में बंटे लोग
Chhatarpur धीरेंद्र शास्त्री के इस वक्तव्य का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहाँ एक तरफ आलोचक इसे भगवान श्रीकृष्ण का अपमान बताकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं, वहीं शास्त्री समर्थकों का कहना है कि वीडियो को अधूरा और संदर्भ से काटकर प्रसारित किया जा रहा है। समर्थकों के अनुसार, वे वास्तव में दोनों अवतारों की महिमा का बखान कर रहे थे।
आजाद समाज पार्टी ने दी बहिष्कार की चेतावनी और पुतला दहन का ऐलान
Chhatarpur मामले के तूल पकड़ते ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सनातन और यादव समाज के लोगों से धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं का पूरी तरह से बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रदेश भर में धीरेंद्र शास्त्री के पुतले जलाए जाएंगे और उनकी सनातन एकता यात्रा का विरोध किया जाएगा।
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