CM Yogi Adityanath Forensic Science InstituteCM Yogi Adityanath Forensic Science Institute
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CM Yogi Adityanath Forensic Science Institute:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समिट ‘टेक संगम’ को संबोधित करते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। सीएम योगी ने बताया कि जिस परिसर में आज अत्याधुनिक उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंसेज स्थित है, कभी उस बहुमूल्य भूमि पर भू-माफिया का अवैध कब्जा हुआ करता था। उन्होंने भू-माफिया के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई और इस संस्थान के निर्माण से जुड़ी पूरी कहानी साझा की।

लखनऊ एयरपोर्ट के पास है 100 एकड़ का यह परिसर

CM Yogi Adityanath Forensic Science Institute:लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक स्थित लगभग 100 एकड़ के इस क्षेत्रफल पर पहले अराजकता और भू-माफिया का साया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के पुराने हालातों का जिक्र किया और बताया कि कैसे कागजों में हेराफेरी करके सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जाता था।

सीएम योगी ने खुलासा किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के नाम दर्ज होने वाली इस भूमि पर लखनऊ के एक कुख्यात भू-माफिया ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपना नाम दर्ज करवा लिया था। तत्कालीन व्यवस्था और दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस भी उस समय माफिया के आगे लाचार नजर आती थी।

डीजीपी की सूचना पर शुरू हुई थी कार्रवाई

CM Yogi Adityanath Forensic Science Institute:मुख्यमंत्री ने घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें सबसे पहले इस मामले की जानकारी तत्कालीन उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने दी थी। डीजीपी ने एयरपोर्ट के पास स्थित इस सरकारी भूमि पर भू-माफिया के कब्जे की बात बताई थी।

इसके बाद सीएम योगी ने पूरी फाइल मंगवाई और उन अधिकारियों की पहचान की जिनके आदेश पर जमीन माफिया के नाम दर्ज हुई थी। सरकार ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच बिठाई और संबंधित विभाग की गलती सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

दूसरी एफआईआर दर्ज होते ही भू-माफिया ने किया सरेंडर

CM Yogi Adityanath Forensic Science Institute:कानूनी शिकंजा कसता देख मुख्य आरोपी ने राहत पाने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, सरकार के सख्त रुख और दूसरी एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी के सारे पैंतरे धरे रह गए।

दबाव इतना बढ़ गया कि आखिरकार भू-माफिया ने खुद थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया और सरकार से कहा, “साहब, जमीन ले लीजिए बस मुझे बख्श दीजिए।” इसके बाद सरकार ने इस बेशकीमती जमीन को माफिया के चंगुल से पूरी तरह मुक्त कराया और आज इसी भूमि पर उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंसेज शान से खड़ा है, जो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी कर रहा है।

‘टेक संगम’ में AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर जोर

CM Yogi Adityanath Forensic Science Institute:इस अंतरराष्ट्रीय समिट में सीएम योगी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डेटा प्रोटेक्शन जैसे गंभीर विषयों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि AI और तकनीक इंसानों के जीवन को आसान बना सकती है, लेकिन तकनीक पर अंधा भरोसा या पूरी तरह निर्भरता भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

उन्होंने डीपफेक, साइबर फ्रॉड और डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक और स्वदेशी प्रयासों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

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