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रिपोर्टर: सन्‍तोष सरावगी

Dabra : शहर में लगातार बढ़ते अपराधों और अनहोनी की घटनाओं ने स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। अतीत में डबरा में लूटपाट और आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से व्यापारियों की मांग पर एक विशेष पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। हालांकि, वर्तमान समय में यह चौकी केवल एक शो-पीस बनकर रह गई है, जहां किसी भी अधिकारी या पुलिस बल की मौजूदगी नजर नहीं आती।

सुरक्षा के उद्देश्य से बनी चौकी पर नहीं बैठते पुलिस अधिकारी

Dabra व्यापारियों को सुरक्षा का अहसास कराने और अपराधियों में खौफ बनाए रखने के लिए इस पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया था। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि चौकी बनने के बाद से आज तक यहां किसी भी पुलिस अधिकारी या जवान की नियमित तैनाती नहीं देखी गई है। सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच यह चौकी अब सिर्फ एक नाम मात्र का ढांचा बनकर रह गई है, जिससे व्यापारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

बेखौफ घूम रहे अपराधी, दहशत के साये में कारोबार करने को मजबूर व्यापारी

Dabra शहर में सुरक्षा व्यवस्था सुस्त पड़ते ही आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। दिन-दहाड़े अवैध हथियारों का प्रदर्शन और सरेआम फायरिंग जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। आए दिन हो रही इन गतिविधियों के कारण व्यापारी वर्ग गहरी दहशत में जीने को मजबूर है। सरेराह हो रही इस तरह की घटनाओं के बावजूद सुरक्षा चौकी का निष्क्रिय पड़ा होना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

व्यापारियों ने की चौकी में 24 घंटे पुलिस बल तैनात करने की मांग

Dabra व्यापारी वर्ग का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए। शहर में अमन-चैन और सुरक्षा का माहौल पुनः कायम करने के लिए व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मुख्य मांग है कि इस चौकी को तुरंत सक्रिय किया जाए और यहां 24 घंटे पुलिस जवानों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

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