रिपोर्टर: प्रताप सिंह बघेल
Morena : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय थरा को सांदीपनी विद्यालय में स्थानांतरित (शिफ्ट) करने का मामला शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के लिए मुसीबत बन गया है। न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करने और अदालती प्रक्रिया में समय पर तथ्यात्मक पक्ष प्रस्तुत न करने के गंभीर आरोप में दो पूर्व व वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दो परस्पर विरोधी आदेशों से उलझा स्कूलों के स्थानांतरण का मामला
Morena यह पूरा विवाद प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय थरा के संचालन को लेकर शुरू हुआ। 15 सितंबर 2025 को विभाग द्वारा दोनों विद्यालयों को यथावत संचालित रखने का निर्देश दिया गया था, लेकिन महज दो दिनों के भीतर 17 सितंबर 2025 को तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एसके सक्सेना ने नया आदेश जारी कर इन्हें सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जौरा में शिफ्ट करने का निर्णय ले लिया। इस तरह के परस्पर विरोधी निर्णयों के कारण मामला न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया।
समय पर जवाब न देने पर तत्कालीन अधिकारी एसके सक्सेना पर गिरी गाज
Morena न्यायालय में मामला दर्ज होने के बाद विभाग की ओर से अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई। तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एसके सक्सेना ने न तो अदालत के निर्देशों का समय पर पालन किया और न ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभाग की ओर से उचित जवाब प्रस्तुत किया। इस घोर लापरवाही और अदालती अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने उन पर निलंबन की कार्रवाई की।
लापरवाही दोहराने पर वर्तमान प्रभारी बीएस दौनेरिया भी हुए सस्पेंड
Morena मामले में 29 सितंबर 2026 को अदालत द्वारा पुनः अंतरिम आदेश पारित किया गया था। इसके बावजूद वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बीएस दौनेरिया द्वारा शासन का पक्ष मजबूती और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत करने में उदासीनता बरती गई। न्यायालयीन कार्यों के प्रति इस घोर अकर्मण्यता को देखते हुए वर्तमान प्रभारी अधिकारी को भी निलंबित कर दिया गया, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।

