Meerut Blue Drum Murder CaseMeerut Blue Drum Murder Case
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Meerut Blue Drum Murder Case:उत्तर प्रदेश के चर्चित और सनसनीखेज ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में जिला अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में कोर्ट ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। इस खौफनाक मामले ने करीब 13 महीने चली कानूनी प्रक्रिया, 127 तारीखों और 22 से अधिक गवाहों के बयानों के बाद अंतिम न्याय का रूप लिया है। फिलहाल दोनों दोषी मेरठ की चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी

Meerut Blue Drum Murder Case:सजा के ऐलान से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों दोषियों को पेश किया। जज ने जब उनसे अंतिम बार यह जानना चाहा कि क्या वे अपनी सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं, तो मुस्कान और साहिल दोनों ने ही कुछ भी बोलने से पूरी तरह इनकार कर दिया।

क्या था पूरा मामला और कैसे रची गई खौफनाक साजिश?

Meerut Blue Drum Murder Case:यह दर्दनाक घटना मार्च 2025 की है, जब मर्चेंट नेवी में कार्यरत सौरभ राजपूत विदेश से छुट्टी लेकर अपनी पत्नी मुस्कान और बेटी का जन्मदिन मनाने मेरठ आए थे। घर लौटने के बाद सौरभ को अपनी पत्नी मुस्कान और साहिल शुक्ला के अवैध संबंधों के बारे में पता चल गया। सौरभ इस रिश्ते में मुख्य बाधा बन रहा था, जिसके चलते दोनों ने उसकी हत्या की खौफनाक साजिश रची।

  • नशीला पदार्थ और हत्या: 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। सौरभ के बेहोश होते ही उसने साहिल को घर बुला लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
  • शव के टुकड़े और नीला ड्रम: साक्ष्य को छिपाने के लिए दोनों ने बाथरूम में शव के कई टुकड़े किए। अगले दिन उन्होंने एक बड़ा नीला ड्रम, सीमेंट और बालू खरीदा। शव के टुकड़ों को ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट का घोल डाल दिया ताकि किसी तरह की दुर्गंध बाहर न आ सके।

शिमला-मनाली की यात्रा और डिजिटल ड्रामेबाजी

Meerut Blue Drum Murder Case:हत्या को अंजाम देने के तुरंत बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला और मनाली घूमने चली गई। वे लगभग 13 दिनों तक हिमाचल में घूमते रहे। इस दौरान मुस्कान लगातार सौरभ के फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल करती रही ताकि परिवार और समाज को यह लगे कि सौरभ अभी भी जीवित है।

जब वे हिमाचल से लौटे और बेटी ने अपने पिता से मिलने की जिद शुरू की, तो मुस्कान ने परिजनों को यह झूठी कहानी सुनाई कि सौरभ को अचानक वापस विदेश जाना पड़ा है। हालांकि, बेटी की लगातार जिद और परिवार के बढ़ते संदेह ने इस राज से पर्दा उठाना शुरू कर दिया।

इस तरह हुआ सनसनीखेज खुलासे का अंत

Meerut Blue Drum Murder Case:इस वीभत्स हत्याकांड का खुलासा 18 मार्च 2025 को तब हुआ जब सौरभ का भाई राहुल उनके घर पहुंचा। घर के अंदर साहिल की मौजूदगी और एक कमरे से आ रही अजीब दुर्गंध ने राहुल के मन में शक पैदा किया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने जब घर की तलाशी ली और उस नीले ड्रम को खुलवाया, तो अंदर सौरभ के शव के क्षत-विक्षत टुकड़े मिले।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी समय मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया था। अब अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर दोनों को इस जघन्य अपराध के लिए फांसी की सजा सुनाई है।

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