रिपोर्टर: दीनानथ माऔर
Aurangabad : लंबे समय से राजनीतिक उलझनों और भूमि की कमी के कारण अटका औरंगाबाद मेडिकल कॉलेज का निर्माण अब आखिरकार साकार होने जा रहा है। देव स्थित प्रसिद्ध पातालगंगा ट्रस्ट ने इस जनहितकारी परियोजना के लिए 20 एकड़ भूमि दान में दे दी है। भूमि हस्तांतरण की कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
जिला निबंधन कार्यालय में दानपत्र पंजीकृत, देव क्षेत्र में जश्न का माहौल
Aurangabad औरंगाबाद स्थित जिला अवर निबंधक-सह-विशेष विवाह पदाधिकारी के कार्यालय में हस्तांतरण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। पातालगंगा ट्रस्ट, देव के पूज्य महंत आदित्या ब्रह्मचारी जी और ट्रस्ट समिति के सम्मानित सदस्यों ने बिहार सरकार के नाम 20 एकड़ भूमि का निबंधन कराया। इस ऐतिहासिक पहल के साथ ही अब देव में ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण निश्चित हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र के नागरिकों में उत्साह और खुशी का माहौल है।
स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति और नए रोजगार का सृजन
Aurangabad मेडिकल कॉलेज की स्थापना से औरंगाबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को अत्याधुनिक व बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त, इस बड़े प्रोजेक्ट से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलेगा और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अनेक नए अवसर पैदा होंगे।
विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने जताया आभार, बताया भावी पीढ़ियों के लिए सौगात
Aurangabad औरंगाबाद के विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने पातालगंगा ट्रस्ट और पूज्य महंत आदित्या ब्रह्मचारी जी का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनहित और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए दिया गया यह भूमि दान ऐतिहासिक है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगा और इससे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को अपनी पहचान बनाने का सुनहरा मौका मिलेगा।

