रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : विशेष गहन समीक्षा (SIR) और भारतीय चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए शेखपुरा जिले में महागठबंधन के घटक दलों ने एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, सीपीआई (CPI) और भाकपा-माले (CPI-ML) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर के प्रमुख मार्गों पर जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला।
स्टेशन रोड से समाहरणालय तक निकला प्रतिरोध मार्च, केंद्रीय मंत्रियों के जले पुतले
Sheikhpura विरोध प्रदर्शन का शुभारंभ शहर के स्टेशन रोड स्थित राजद कार्यालय से हुआ। कार्यकर्ताओं का यह जुलूस दल्लू चौक, कटरा चौक और चांदनी चौक से गुजरते हुए जिला समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना कड़ा रोष प्रकट किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगे पक्षपात के आरोप, बर्खास्तगी की उठी मांग
Sheikhpura प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राजद जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने नियमों को ताक पर रखकर सत्ताधारी दल के पक्ष में काम किया है। पूरे मामले का खुलासा होने के बावजूद केंद्र की मोदी सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है। महागठबंधन के नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को तुरंत प्रभाव से पद से हटाने और निष्पक्षता की बहाली की पुरजोर मांग की।
बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने का प्रस्ताव
Sheikhpura महागठबंधन के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की साख पर सवाल उठाते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पारदर्शी चुनावी प्रणाली अति आवश्यक है। राजद जिलाध्यक्ष और अन्य घटक दलों के नेताओं ने मांग रखी कि हालिया चुनावी गड़बड़ियों और पक्षपातपूर्ण रवैये को देखते हुए बिहार और पश्चिम बंगाल में नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए।

