Rampur Assembly Constituency:उत्तर प्रदेश की राजनीति में हमेशा से एक हाई-प्रोफाइल और बेहद चर्चित क्षेत्र रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस गढ़ का चुनावी इतिहास मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान के इर्द-गिर्द घूमता रहा है।
हाल ही में हुए चुनावों और राजनीतिक उठापटक के बीच यह सवाल उठना लाजिमी है कि आगामी यूपी चुनाव 2027 (UP Election 2027) में रामपुर सीट का सियासी समीकरण क्या रूप लेगा। आइए, इस ऐतिहासिक सीट के राजनीतिक सफर और आगामी संभावनाओं पर विस्तार से नजर डालते हैं।
आजम खान का दबदबा और रामपुर का चुनावी इतिहास
Rampur Assembly Constituency:रामपुर विधानसभा सीट के चुनावी आंकड़ों पर गौर करें तो 1980 से लेकर 2022 तक कुल 11 आम विधानसभा चुनाव हुए हैं। इनमें से 10 बार आजम खान ने जीत हासिल कर विधानसभा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
- शुरुआती जीत: आजम खान ने साल 1980 में पहली बार इस सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1985, 1989, 1991 और 1993 में लगातार जीत का सिलसिला जारी रखा।
- एकमात्र हार (1996): साल 1996 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अफरोज अली खान ने आजम खान को शिकस्त दी थी, जो इस लंबी अवधि में उनका एकमात्र चुनावी झटका था।
- शानदार वापसी: वर्ष 2002, 2007, 2012 और 2017 के चुनावों में आजम खान ने शानदार वापसी करते हुए भारी अंतर से जीत हासिल की। यहां तक कि 2017 की मजबूत बीजेपी लहर में भी उन्होंने अपनी सीट सुरक्षित रखी थी।
- 2022 का चुनाव: साल 2022 के आम चुनाव में आजम खान ने 1,31,225 वोट पाकर बीजेपी के आकाश सक्सेना को 55,141 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।
बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और रामपुर उपचुनाव
Rampur Assembly Constituency:आजम खान के लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद (2019) और बाद में आपराधिक मामले में सजा के चलते विधानसभा सदस्यता रद्द होने पर (2022) रामपुर में उपचुनाव हुए।
- 2019 उपचुनाव: इस चुनाव में आजम खान की पत्नी डॉ. तजीन फातमा ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की।
- 2022 उपचुनाव: इस उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ा उलटफेर करते हुए पहली बार रामपुर सीट पर भगवा फहराया। बीजेपी प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने सपा उम्मीदवार को 34,136 मतों के अंतर से हराकर इतिहास रच दिया, क्योंकि 1980 के बाद यह पहला मौका था जब बीजेपी इस सीट पर विजयी हुई थी।
यूपी चुनाव 2027: रामपुर में क्या बन रहे हैं समीकरण?
Rampur Assembly Constituency:आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर रामपुर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस सीट के समीकरणों को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- डेमोग्राफिक्स (जनसंख्या समीकरण): रामपुर एक मुस्लिम बहुल सीट है, जहां मुस्लिम मतदाताओं की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। यही वजह है कि 1951 से लेकर अब तक के इतिहास में लगभग हर बार यहां मुस्लिम विधायक ही चुनकर आए हैं।
- सपा के सामने नेतृत्व की चुनौती: आजम खान के जेल में होने के कारण समाजवादी पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह 2027 में किसे अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाती है और पार्टी उस सियासी खालीपन को कैसे भरती है।
- एनडीए बनाम गठबंधन की टक्कर: आगामी चुनाव में एक तरफ जहां सपा और कांग्रेस का गठबंधन अपने पुराने गढ़ को वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंकेगा, वहीं बीजेपी और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की जोड़ी 2022 के उपचुनाव के अपने विजयी प्रदर्शन को दोहराने के लिए रणनीति तैयार कर रही है।
रामपुर का यह सियासी रण इस बात का गवाह है कि यहां की जनता स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ मजबूत राजनीतिक चेहरों को तरजीह देती है। ऐसे में 2027 का मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने की पूरी उम्मीद है।

