MotihariMotihari
Spread the love

रिपोर्टर: टुनटुन कुमार

Motihari : पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के अरेराज प्रखंड क्षेत्र में तड़के एक बड़ा हादसा सामने आया है। सरेया पंचायत के पांडेय टोला के समीप स्थित मनरेगा निर्मित रिंग बांध मंगलवार की अहले सुबह करीब तीन बजे अचानक टूट गया। बांध में दरार आते ही पानी का तेज बहाव आसपास के निचले इलाकों की ओर बढ़ने लगा, जिससे दो पंचायतों के लगभग दो दर्जन गांव जलमग्न होने की स्थिति में आ गए हैं और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

मनरेगा योजना से बना था बांध, शाम से ही शुरू हो गया था रिसाव

Motihari स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मनरेगा योजना के तहत बनाए गए इस रिंग बांध में सोमवार की शाम से ही पानी का रिसाव देखा जा रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने तुरंत जल संसाधन विभाग को सतर्क किया था। रिसाव को समय रहते नियंत्रित करने के लिए मिट्टी के बैग (बालू की बोरियां) मुहैया कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन आरोप है कि समय रहते आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए।

जल संसाधन विभाग पर लापरवाही का आरोप और रात में बढ़ी तबाही

Motihari पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय सुस्ती और लापरवाही के कारण स्थिति बेकाबू हो गई। रात के समय नदी या जलस्रोत में जलस्तर और दबाव बढ़ने से रिसाव वाली जगह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और तड़के बांध टूट गया। इसके परिणामस्वरूप सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

रिहाइशी इलाकों में प्रवेश कर रहा पानी, राहत कार्य की उठी मांग

Motihari बांध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से रिहाइशी बस्तियों की तरफ बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी और चिंता का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीण प्रशासन से अविलंब बांध की मरम्मत कराने, पानी के बहाव को रोकने तथा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है और निगरानी बनाए हुए है।

ये भी पढ़े: अनूपपुर: एंबुलेंस के इंतजार में महिला ने तोड़ा दम, कोतमा स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर उठे सवाल