Fake CurrencyFake Currency
Spread the love

Fake Currency:मेरठ में बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा जाली नोटों का एक गंभीर मामला सामने आया है। मंगलपांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक के करेंसी चेस्ट में जांच के दौरान 4,63,650 रुपये मूल्य के नकली नोट पाए गए हैं। बड़ी मात्रा में जाली करेंसी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

करेंसी चेस्ट में जांच के दौरान मिले नकली नोट

Fake Currency:बैंक के करेंसी चेस्ट में अलग-अलग शाखाओं से जमा होने वाली नकदी की जांच और मिलान किया जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नोट सामने आए, जिन्हें जांच में नकली पाया गया।

जानकारी के मुताबिक, इस करेंसी चेस्ट से एक्सिस बैंक की करीब 186 शाखाएं जुड़ी हुई हैं। इन शाखाओं से जमा होने वाली नकदी को करेंसी चेस्ट में भेजा जाता है।

13 महीने के कैश रिकॉर्ड की हुई जांच

Fake Currency:मामले का पता चलने के बाद बैंक अधिकारियों ने लंबे समय की जमा नकदी का रिकॉर्ड खंगाला। करीब 13 महीने, यानी 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक जमा की गई रकम की जांच की गई।

इसी जांच के दौरान अलग-अलग मूल्यवर्ग के नकली नोट सामने आए। करेंसी चेस्ट प्रबंधक सरताज सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।

1323 जाली नोटों की हुई पहचान

Fake Currency:बैंक की जांच में कुल 1,323 नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। इनकी कुल कीमत 4,63,650 रुपये बताई गई है।

मूल्यवर्ग के अनुसार बरामद नोटों में:

  • 500 रुपये के 805 नोट
  • 200 रुपये के 142 नोट
  • 100 रुपये के 279 नोट
  • 50 रुपये के 97 नोट

शामिल बताए गए हैं। जांच के दौरान कुछ पुराने नोट भी मिले हैं, जबकि कुछ नोट कटे हुए थे और उन्हें दोबारा चिपकाया गया था।

किस शाखा से पहुंचे नकली नोट, जांच का मुख्य सवाल

Fake Currency:पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये जाली नोट आखिर किस बैंक शाखा से करेंसी चेस्ट तक पहुंचे। इसके लिए संबंधित शाखाओं से नकदी जमा करने से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि नकदी करेंसी चेस्ट तक पहुंचने से पहले निर्धारित जांच प्रक्रिया से गुजरती है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में नकली नोटों का पकड़ में न आना भी जांच का विषय है।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

Fake Currency:पुलिस नकली नोटों के स्रोत का पता लगाने के साथ बैंक कर्मचारियों की संभावित भूमिका और किसी स्तर पर हुई लापरवाही की भी जांच कर रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जाली नोट जानबूझकर बैंकिंग चैनल में पहुंचाए गए या जांच प्रक्रिया में किसी चूक के कारण वे आगे बढ़ते रहे।

जांच एजेंसियां नकदी के पूरे लेनदेन और संबंधित शाखाओं के रिकॉर्ड को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था।

जाली करेंसी के नेटवर्क को लेकर उठे सवाल

Fake Currency:मेरठ में बैंक के करेंसी चेस्ट से नकली नोट मिलने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाली करेंसी की सप्लाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट बैंकिंग व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण चरण तक कैसे पहुंच गए।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जाली नोट कहां से आए, किन माध्यमों से बैंक तक पहुंचे और इस मामले में किसी संगठित नेटवर्क या अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।

read this:-Shimla Zila Parishad Election;शिमला जिला परिषद में 26 साल बाद BJP की वापसी, कांग्रेस को लगा बड़ा झटका