MP Police Social Media Guidelines:भोपाल: सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के रील और वीडियो पोस्ट करने के बढ़ते चलन के बीच मध्य प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी कैलाश मकवाना की ओर से जारी इन निर्देशों में पुलिस की वर्दी, संवेदनशील सरकारी जानकारी, जांच से जुड़े दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर स्पष्ट प्रतिबंध लगाए गए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने पुलिसकर्मियों को निजी और सरकारी दोनों तरह के सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
वर्दी में रील और वीडियो बनाने पर रोक
MP Police Social Media Guidelines:नई गाइडलाइन के तहत पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान या ड्यूटी के बाद वर्दी में रील, फोटो, वीडियो अथवा ऑडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचना होगा। अशोभनीय वेशभूषा में भी इस तरह की सामग्री साझा करने पर रोक लगाई गई है।
पहले से पोस्ट की गई अनुचित सामग्री को हटाने और आगे से इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
सरकारी दस्तावेज और AI टूल्स पर भी प्रतिबंध
MP Police Social Media Guidelines:पुलिसकर्मियों को ऐसे सरकारी दस्तावेज, स्क्रीनशॉट या अन्य सूचनाएं सोशल मीडिया पर साझा करने से मना किया गया है, जो गोपनीय या सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील हों।
दिशा-निर्देशों में विशेष रूप से कहा गया है कि ऐसी संवेदनशील सरकारी जानकारी को ChatGPT, Gemini जैसे AI टूल्स पर भी अपलोड नहीं किया जाना चाहिए।
संवेदनशील ड्यूटी की जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी
संवेदनशील जिम्मेदारियों पर तैनात पुलिसकर्मियों को अपने काम की प्रकृति, तैनाती स्थल या ड्यूटी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे स्थानों पर सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय लोकेशन और जियो-टैगिंग जैसी सुविधाओं को बंद रखने की सलाह भी दी गई है, ताकि संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग की आशंका कम हो।
पेड प्रमोशन और निजी व्यवसाय के प्रचार पर रोक
MP Police Social Media Guidelines:पुलिसकर्मी अपने नाम, परिजनों के नाम या किसी छद्म नाम से बनाए गए अकाउंट के जरिए बिना शासन की पूर्व अनुमति के पेड प्रमोशन या सोशल मीडिया मॉनेटाइजेशन नहीं करा सकेंगे।
इसके अलावा सरकारी या निजी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से किसी निजी कंपनी, व्यवसाय, उत्पाद या सेवा का प्रचार भी प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे मामलों को मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है।
दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पहले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुई किसी आय का विवरण भी निर्धारित अवधि के भीतर विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
जाति, धर्म या लिंग को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई
MP Police Social Media Guidelines:पुलिसकर्मियों को ऐसी पोस्ट, फोटो या AI से बनाई गई सामग्री साझा नहीं करने को कहा गया है, जिसमें अश्लीलता, दुर्भावना या जाति, धर्म, लिंग अथवा किसी अन्य वर्ग के प्रति भेदभाव दिखाई देता हो।
ऐसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देने से भी पुलिसकर्मियों को बचना होगा।
VIP सुरक्षा और हथियारों से जुड़े वीडियो पर रोक
MP Police Social Media Guidelines:विशिष्ट या अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें या सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे।
हथियार प्रशिक्षण, ड्रिल, फायरिंग अभ्यास, दबिश और अन्य संवेदनशील पुलिस कार्रवाई से जुड़े फोटो या वीडियो पोस्ट अथवा लाइव करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
जांच और आरोपियों से जुड़ी जानकारी साझा करने पर रोक
MP Police Social Media Guidelines:किसी शिकायत, जांच, विवेचना या जनसुनवाई के दौरान पीड़ित, गवाह, आवेदक, आरोपी या अन्य संबंधित लोगों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किए जाएंगे।
दिशा-निर्देशों में इसे निजता के अधिकार से जोड़ते हुए ऐसी सामग्री साझा करने से रोकने की बात कही गई है। जहां किसी सामग्री को सार्वजनिक करना आवश्यक हो, वहां अनुमति लेने और जरूरत के अनुसार चेहरे को ब्लर करने के निर्देश हैं।
जिन मामलों की जांच चल रही है या जो अदालत में लंबित हैं, उनसे जुड़ी ऐसी जानकारी भी सोशल मीडिया पर साझा नहीं की जाएगी, जिससे जांच या अभियोजन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
यौन अपराध पीड़ितों और बच्चों की पहचान उजागर करने पर रोक
MP Police Social Media Guidelines:यौन हिंसा की पीड़ित महिला या बच्ची की पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी, फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा नहीं किया जा सकेगा।
इसी तरह किशोर न्याय कानून के दायरे में आने वाले बच्चों की पहचान और उनसे संबंधित संवेदनशील सामग्री को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई है।
संदिग्ध या आपराधिक छवि वाले लोगों से सोशल मीडिया कनेक्शन से बचने के निर्देश
MP Police Social Media Guidelines:पुलिसकर्मियों को संदिग्ध आचरण, आपराधिक पृष्ठभूमि या असामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को सोशल मीडिया पर फॉलो करने, उनसे सहयोग करने या उनकी मित्रता स्वीकार करने से बचने को कहा गया है।
ऐसे लोगों के साथ फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री अपने निजी अथवा सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट से साझा करने पर भी रोक रहेगी।
पुलिस वर्दी और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर भी नियम
MP Police Social Media Guidelines:पुलिस वर्दी, सरकारी वाहन या शासकीय हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मियों के परिजन या दोस्त कोई वीडियो या फोटो अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे।
पुलिसकर्मियों को भी वर्दी में ऐसे पारिवारिक कार्यक्रमों से जुड़ी सामग्री साझा नहीं करने को कहा गया है, जो पुलिस की वर्दी की गरिमा के अनुरूप न हो।
राजनीतिक प्रतीक और ऑनलाइन पोल से दूरी
MP Police Social Media Guidelines:पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया प्रोफाइल या DP में राजनीतिक दलों के लोगो अथवा किसी संगठन के प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। सांकेतिक विरोध से जुड़े प्रतीकों को भी प्रोफाइल पर लगाने से मना किया गया है।
सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट से बिना अनुमति ऑनलाइन वोटिंग या पोल में हिस्सा लेने पर भी रोक लगाई गई है।
निजी अकाउंट के लिए सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर रोक
MP Police Social Media Guidelines:दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पुलिसकर्मी निजी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने या संचालित करने के लिए सरकारी CUG सिम, इंटरनेट, Wi-Fi, IP एड्रेस या सरकारी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल न करें।
इसके अलावा निजी मोबाइल डिवाइस पर सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट को लॉगिन करने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के निजी इस्तेमाल पर रोक
MP Police Social Media Guidelines:पुलिस विभाग ने ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के अनावश्यक निजी इस्तेमाल को भी प्रतिबंधित किया है। विभाग का कहना है कि इससे सरकारी काम प्रभावित होने के साथ-साथ सरकारी समय का भी नुकसान होता है।
पुलिसकर्मियों को ऐसी सामग्री साझा करने से भी रोक दिया गया है, जिससे विभाग के भीतर असंतोष या आपसी वैमनस्य की स्थिति पैदा हो।
पुलिस की कार्यप्रणाली और रणनीति सार्वजनिक करने पर मनाही
MP Police Social Media Guidelines:बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के पुलिस की रणनीति, फील्ड क्राफ्ट, अपराध की जांच में इस्तेमाल होने वाली तकनीक या कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं की जा सकेगी।
साथ ही, सेवा से संबंधित शिकायतों के लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाने के बजाय संबंधित वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपनी समस्या रखने को कहा गया है।
पहले भी वायरल हो चुका है पुलिसकर्मी का वीडियो
MP Police Social Media Guidelines:मध्य प्रदेश में इससे पहले भी एक पुलिसकर्मी का कथित तौर पर नशे की हालत में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया था। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित पुलिस अधीक्षक की ओर से सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
नए दिशा-निर्देशों के जरिए विभाग ने पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर अनुशासन और गोपनीयता से जुड़े नियमों को और स्पष्ट किया है।

