MP WeatherMP Weather
Spread the love

रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

MP Weather : मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। 19 सितंबर के बाद प्रदेश में नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। अगर सिस्टम प्रभावी रहा तो प्रदेश में अब तक हुई कम बारिश की भरपाई होने और मानसूनी सीजन का औसत आंकड़ा पूरा होने की उम्मीद बन सकती है।

प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 33 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर पूरे सीजन में लगभग 37.3 इंच बारिश होती है। इस लिहाज से सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी करीब 4.3 इंच बारिश की जरूरत है।

17 से 21 सितंबर के बीच बढ़ सकती है बारिश

MP Weather मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं 18 से 21 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

इससे पहले मंगलवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र का प्रभाव देखा गया। मानसून ट्रफ भी सक्रिय रही, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं हुई। भोपाल में दिनभर मौसम मुख्य रूप से साफ रहा, जबकि इंदौर और उज्जैन में भी बारिश का खास असर देखने को नहीं मिला।

अब तक 88.5 फीसदी बारिश पूरी

MP Weather मध्य प्रदेश में 1 जून से 30 सितंबर तक मानसून सीजन माना जाता है। हालांकि कई बार मानसून की विदाई अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक भी होती है। इस वर्ष सितंबर के आखिरी हिस्से में मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

मंगलवार तक प्रदेश में सामान्य बारिश का करीब 88.5 फीसदी कोटा पूरा हो चुका था। राज्य के 18 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

37 जिलों में सामान्य से कम बारिश

MP Weather प्रदेश के 37 जिलों में अभी भी सामान्य औसत के मुकाबले बारिश कम हुई है। इनमें इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे जिले भी शामिल हैं। अलीराजपुर में स्थिति सबसे कमजोर बताई गई है, जहां सामान्य के मुकाबले आधी के आसपास भी बारिश नहीं हो सकी है।

इसके उलट निवाड़ी में सामान्य से करीब 49 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में अब मौसम विभाग और किसानों की नजर 19 सितंबर के बाद बनने वाले संभावित सिस्टम पर रहेगी।

क्या सामान्य हो पाएगा बारिश का आंकड़ा?

MP Weather अगर सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बनने वाला मौसम सिस्टम प्रभावी रहता है और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पर्याप्त बारिश होती है, तो मानसून सीजन के अंत तक राज्य की कुल बारिश सामान्य आंकड़े के करीब पहुंच सकती है। हालांकि किसी सिस्टम की तीव्रता और बारिश का वास्तविक वितरण मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

नोट: मौसम का पूर्वानुमान समय और स्थान के साथ बदल सकता है। स्थानीय मौसम की स्थिति और आधिकारिक चेतावनियों के लिए IMD के ताजा अपडेट देखें।

ये भी पढ़े: औरंगाबाद के बारुण में जर्जर ब्रिटिशकालीन अंडरपास से आफत: ओवरब्रिज की मांग को लेकर 16 सितंबर को रेलवे चक्का जाम