Heart AttackHeart Attack
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By: Ravindra Singh

Heart Attack : हार्ट अटैक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें दिल तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ सकती है। ऐसे समय पर इलाज मिलने में होने वाली देरी नुकसान बढ़ा सकती है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति में हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखाई दें, तो शुरुआती समय में सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ संस्थाओं की गाइडलाइन भी ऐसे लक्षणों में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लेने पर जोर देती है।

हार्ट अटैक के कौन से लक्षण पहचानें?

Heart Attack हार्ट अटैक में हर व्यक्ति को एक जैसे लक्षण नहीं होते। सीने में दबाव, जकड़न या दर्द इसके प्रमुख संकेतों में शामिल हैं। यह परेशानी हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक भी फैल सकती है। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, मितली, उल्टी या चक्कर जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज वाले लोगों में लक्षण अलग तरीके से दिखाई दे सकते हैं।

सबसे पहले इमरजेंसी मेडिकल मदद लें

Heart Attack हार्ट अटैक का संदेह होने पर यह सोचकर इंतजार न करें कि दर्द अपने आप ठीक हो जाएगा। तुरंत स्थानीय इमरजेंसी सेवा को फोन करें और मेडिकल सहायता आने तक व्यक्ति को आरामदायक स्थिति में रखें। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने के बजाय एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचना बेहतर माना जाता है, क्योंकि रास्ते में भी मेडिकल सहायता मिल सकती है।

व्यक्ति को आरामदायक स्थिति में रखें

Heart Attack मदद आने तक मरीज को शांत रखें और उसे आराम करने दें। यदि वह होश में है तो पीठ को सहारा देकर आरामदायक स्थिति में बैठाया जा सकता है। उसे चलने, सीढ़ियां चढ़ने या कोई शारीरिक मेहनत करने के लिए मजबूर न करें। साथ ही उसकी प्रतिक्रिया और सांस पर नजर रखें।

एस्पिरिन को लेकर रखें सावधानी

Heart Attack हार्ट अटैक के संदेह में एस्पिरिन कुछ वयस्क मरीजों के लिए मददगार हो सकती है। AHA और American Red Cross की 2024 गाइडलाइन के अनुसार, इमरजेंसी सेवा को सक्रिय करने के बाद होश में मौजूद वयस्क को 162–325 mg एस्पिरिन चबाकर निगलने की सलाह दी जा सकती है, लेकिन केवल तब जब उसे एस्पिरिन से एलर्जी न हो और किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने इसे लेने से मना न किया हो। अगर इस बात को लेकर कोई संदेह हो कि एस्पिरिन लेनी चाहिए या नहीं, तो मेडिकल मदद आने तक इसे न देना उचित है।

महिलाओं में लक्षण अलग भी हो सकते हैं

Heart Attack महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान केवल सीने में दर्द ही प्रमुख संकेत हो, यह जरूरी नहीं है। सांस फूलना, मितली, पसीना, पीठ या जबड़े में दर्द, चक्कर और असामान्य थकान जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए ऐसे संकेतों को केवल थकान या सामान्य गैस की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

क्या नहीं करना चाहिए?

Heart Attack हार्ट अटैक के संदेह में व्यक्ति को अकेला न छोड़ें और उसे खुद वाहन चलाकर अस्पताल जाने न दें। मेडिकल मदद लेने में देरी न करें। बिना जानकारी के कोई दवा न दें और एस्पिरिन भी तभी दें जब ऊपर बताई गई परिस्थितियां पूरी होती हों। अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो इमरजेंसी ऑपरेटर के निर्देश के अनुसार CPR और उपलब्ध AED का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए।

याद रखें

Heart Attack हार्ट अटैक के लक्षणों में समय महत्वपूर्ण है। सीने में दबाव या दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, पसीना, मितली या हाथ, पीठ, गर्दन अथवा जबड़े में दर्द हो तो इसे गंभीरता से लें और तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत स्थानीय इमरजेंसी सेवा या डॉक्टर से संपर्क करें। दवा, खासकर एस्पिरिन, लेने से पहले एलर्जी, रक्तस्राव के जोखिम और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।

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