रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बसबिट्टी स्थित एक निजी मदरसे में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहाँ नाश्ते में मिठाई और समोसा खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय 10 वर्षीय छात्रा अल्फिशा की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
मां के दिए समोसे-मिठाई खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
Supaul मदरसा प्रबंधन के अनुसार, जामियअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित इस मदरसे में करीब 60 से 65 छात्राएं आवासीय सुविधा के तहत रहकर पढ़ाई करती हैं। मृत बच्ची अल्फिशा की मां सोमवार को उससे मिलने आई थीं और उसे खाने के लिए समोसा और मिठाई देकर गई थीं। इसे खाने के बाद अल्फिशा, आफिया, सहाना खातून और हलीमा सादिया की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान अल्फिशा ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य छात्राओं का इलाज जारी है।
डीएम के निर्देश पर मदरसे के कागजात और सुविधाओं की जांच
Supaul मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय और पुलिस की संयुक्त टीम मदरसे पहुंची। सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह और डीएसपी ने बताया कि घटना की वजह फूड प्वाइजनिंग मानी जा रही है। इसके साथ ही जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी यह खंगाल रहे हैं कि क्या मदरसे के पास छात्राओं को आवासीय रूप से रखने की वैध अनुमति और आवश्यक एनओसी (NOC) उपलब्ध है या नहीं।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग हर एंगल से कर रहे पड़ताल
Supaul सुपौल के पुलिस अधीक्षक (SP) शरथ आर.एस. ने बताया कि पुलिस और डॉक्टरों की टीम बीमार बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए खाद्य सामग्री के सैंपल और डॉक्टरों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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