इंदौर: फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित करने वाले हर्ष पांचाल उर्फ राज सोनी के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने AI ऐप की मदद से कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की तैयारी में था।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच के दौरान उसके फर्जी पहचान पत्र और कथित तौर पर अधिकारी होने का दावा कर लोगों को प्रभावित करने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
होटल का 23 हजार रुपये का बिल छोड़कर हुआ फरार
पुलिस के अनुसार, आरोपी होटल में ठहरा हुआ था और करीब 23 हजार रुपये का बिल बकाया छोड़कर चला गया। बताया जा रहा है कि उसने होटल कर्मचारियों से बिल का भुगतान अपने पीए के जरिए कराने की बात कही थी, लेकिन बाद में वह वहां से फरार हो गया।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को अहमदाबाद में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ा मामला सामने आने की जानकारी मिली है। अब पुलिस दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
मकान मालिक पर भी दर्ज हुआ केस
मामले में पुलिस ने उस मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जिसने कथित तौर पर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के आरोपी को कमरा उपलब्ध कराया था। पुलिस का कहना है कि किरायेदारों का आवश्यक सत्यापन नहीं कराने के मामले में मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
फर्जी IAS मामले में पुलिस आरोपी के संपर्कों, दस्तावेजों और कथित ठगी की पूरी योजना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
