Spread the love

डबरा। डबरा के जंगीपुर क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बीच एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के अंदर सो रहे छह लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। राहत एवं बचाव के दौरान एक बच्चे को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसकी मां की भी मृत्यु की पुष्टि हुई, जिससे हादसे में मृतकों की संख्या दो हो गई।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम नवकिरण कौर, एसडीओपी सौरभ कुमार और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली। घायलों का उपचार सिविल अस्पताल डबरा में कराया गया।इधर, भीम आर्मी के जिला उपाध्यक्ष जिबलेश जाटव ने हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस के लिए फोन किए जाने के बावजूद समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हुआ, जबकि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस मौजूद थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस का पायलट सो रहा था।जाटव ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शाम 6 बजे के बाद जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं रहते। उनका कहना है कि अस्पताल से जुड़े कुछ कर्मचारी भी ड्यूटी के बाद ग्वालियर चले जाते हैं। इन आरोपों के चलते अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है।स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सबसे बड़ा सवाल गंभीर मरीजों के इलाज का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिविल अस्पताल में पर्याप्त उपचार सुविधाएं नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को ग्वालियर रेफर कर दिया जाता है। उनका कहना है कि रेफर किए गए मरीजों में कई बार रास्ते में ही मौत होने की घटनाएं सामने आती रही हैं।फिलहाल मकान गिरने की घटना ने प्रशासन के सामने राहत-बचाव के साथ-साथ स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के कारणों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।