रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट के बाद बिस्तर पर होतम सिंह, सात सदस्यों के परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
ग्वालियर। भितरवार तहसील के मस्तूरा गांव निवासी 38 वर्षीय होतम सिंह धानुक की जिंदगी एक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई। दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आने के बाद वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने वाले होतम के काम करने में असमर्थ होने से घर की आमदनी का प्रमुख स्रोत भी बंद हो गया।
मजदूरी से चलता था परिवार का खर्च
हादसे से पहले होतम सिंह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी आय से ही घर का दैनिक खर्च चलता था। वर्तमान में परिवार में उनकी पत्नी किरण बाई, 77 वर्षीय पिता भगवानलाल धानुक, बेटियां सोनिया और तमन्ना तथा बेटे राज और कृष्णा सहित सात सदस्य हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। राज आठवीं और कृष्णा सातवीं कक्षा में सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं, जबकि दोनों बेटियों की शिक्षा आर्थिक परेशानियों के चलते आगे जारी नहीं रह सकी।
न जमीन, न पशु, अधूरा मकान बना आशियाना
परिवार के पास खेती योग्य जमीन या पशुधन भी नहीं है। रहने के लिए लगभग 15×30 फीट का अधूरा कच्चा मकान है। ऐसे हालात में घर का खर्च चलाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना परिवार के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है।
होतम की पत्नी किरण बाई भी परिवार की मदद के लिए कभी-कभार मजदूरी करती हैं। काम मिलने पर उन्हें करीब 300 रुपये तक मजदूरी मिलती है, लेकिन सात लोगों के परिवार के लिए यह आमदनी पर्याप्त नहीं है। परिवार का दावा है कि उन्हें अभी तक किसी तरह की सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिला है।
सोशल मीडिया से मिली मदद की जानकारी
मुश्किल दौर में परिवार को सोशल मीडिया के जरिए संत रामपाल जी महाराज से जुड़ी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ की जानकारी मिली। इसके बाद परिजनों ने सतलोक आश्रम से संपर्क कर अपनी स्थिति बताई और सहायता की अपील की।
परिवार की परिस्थितियों की जानकारी मिलने के बाद मुहिम से जुड़े सेवादारों ने स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद 31 अगस्त को परिवार के लिए जरूरी खाद्य सामग्री और राशन उपलब्ध कराया गया।
जरूरत के समय मिली मदद बनी उम्मीद
परिवार के लिए यह सहायता ऐसे समय में पहुंची है, जब हादसे के बाद कमाई का जरिया बंद होने से घर की आर्थिक स्थिति बेहद कठिन हो गई है। राशन और जरूरी सामग्री मिलने से परिवार को कुछ समय के लिए राहत मिली है।
‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जा रही सहायता का उद्देश्य भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों में सहयोग देना बताया गया है। होतम सिंह के परिवार के लिए यह मदद आर्थिक संकट के बीच एक सहारे और उम्मीद के रूप में सामने आई है।
