SheikhpuraSheikhpura
Spread the love

रिपोर्टर: रंजन कुमार

Sheikhpura : भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच पानी की बूंद-बूंद को तरस रही शेखपुरा जिले के कारे पंचायत स्थित कारे गांव की ग्रामीण महिलाएं अपनी व्यथा लेकर समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय परिसर पहुंचीं। समाहरणालय के बाहर एकत्र हुई बुजुर्ग और युवा महिलाओं के चेहरों पर पानी की भारी किल्लत को लेकर लाचारी और गहरा आक्रोश साफ झलक रहा था।

“नहाने तक की ताकत नहीं बची, बस पानी दिला दीजिए”

Sheikhpura समाहरणालय परिसर में मीडियाकर्मियों के सामने आते ही गांव की बुजुर्ग महिला आशा देवी रोते-बिलखते हुए दोनों हाथ जोड़कर अपनी आपबीती सुनाने लगीं। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा, “पानी की बहुत भारी समस्या है बेटा, न तो पीने के लिए स्वच्छ जल मिल रहा है और न ही नहाने-धोने की व्यवस्था है। महीनों से सरकारी जलापूर्ति ठप्प पड़ी है और हम वृद्ध महिलाएं अब दूर से पानी ढोकर लाने में भी असमर्थ हैं। हमें बस पानी दिला दीजिए।”

50 से 100 रुपये देकर पानी खरीदने को मजबूर गरीब ग्रामीण

Sheikhpura गांव की अन्य महिला सरिता कुमारी ने बताया कि कारे गांव में पीएचईडी (PHED) विभाग द्वारा जलापूर्ति की जो व्यवस्था की गई थी, वह आए दिन तकनीकी खराबी के कारण बंद रहती है। बीते 10-15 दिनों से तो स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है।

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में ‘हर घर नल का जल’ योजना को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। जिनके पास निजी समर्सिबल मोटर है, वे बिजली बिल के नाम पर 50 से 100 रुपये वसूलते हैं, तब जाकर कहीं 4-5 बाल्टी पानी मिल पाता है। प्रतिदिन पानी खरीदकर प्यास बुझाना गरीब परिवारों के लिए आर्थिक रूप से असंभव होता जा रहा है।

महादलित टोले की डीएम से गुहार: स्थायी रूप से शुरू हो नल-जल योजना

Sheikhpura पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्र में बसे इस महादलित टोले की महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे केवल अपनी बुनियादी जरूरत यानी पीने के पानी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय आई हैं। महिलाओं ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि गांव में जल्द से जल्द बंद पड़ी ‘हर घर नल का जल’ योजना को स्थायी और सुचारू रूप से चालू कराया जाए, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में जल संकट से निजात मिल सके।

ये भी पढ़े: XLRI जमशेदपुर में खेल, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस