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रिपोर्टर: विजय राघवन

Chennai : तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को चेन्नई पुलिस ने एक विवादास्पद और आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें उनके आवास से हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें तंजावुर ले जाया जा रहा है जहाँ उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है।

Chennai घर के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा और भारी पुलिस बल की तैनाती

उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी से ठीक पहले उनके चेन्नई स्थित घर के बाहर भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। जैसे ही पुलिस की टीम उन्हें हिरासत में लेने पहुँची, बड़ी संख्या में डीएमके (DMK) के कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर जमा हो गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस सुरक्षा घेरे को तोड़ने का प्रयास किया और चेन्नई की ईसीआर (ECR) रोड पर जाम लगाकर जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को सड़क से खदेड़ना पड़ा। बढ़ते तनाव और विरोध के बीच पुलिस पूरी सख्ती के साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री को कानूनी औपचारिकताओं के लिए तंजावुर ले रवाना हो चुकी है।

Chennai क्या है पूरा विवाद और अभिनेत्री तृषा से जुड़ा मामला?

यह पूरा विवाद तमिलनाडु के तंजावुर में कावेरी नदी जल विवाद को लेकर आयोजित एक विरोध सभा से शुरू हुआ था। इस जनसभा को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विजय की नीतियों पर तीखा हमला बोल रहे थे। उनका आरोप था कि राज्य को कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिल रहा है और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर बेपरवाह बनी हुई है। इसी दौरान भीड़ में से किसी ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद उदयनिधि ने अपना भाषण रोककर तृषा के खिलाफ एक आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी कर दी, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया था।

चौतरफा घिरे उदयनिधि, राजनीतिक दलों की थी सख्त कार्रवाई की माँग

अभिनेत्री तृषा और मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई इस विवादित बयानबाजी के बाद से ही उदयनिधि स्टालिन की चौतरफा आलोचना हो रही थी। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ-साथ सत्तारूढ़ टीवीके (TVK) के नेताओं ने भी इस भद्दी टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए तुरंत गिरफ्तारी की माँग की थी। सत्तारूढ़ दल द्वारा विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दिए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) और पुख्ता सबूतों के आधार पर यह कानूनी कार्रवाई की गई है। अदालत में पेश करने के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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