रिपोर्टर: गनेश सिंह
Jammu and Kashmir : श्री अमरनाथ यात्रा 2026 में श्रद्धा और भक्ति का एक ऐसा अनूठा इतिहास रच दिया है, जिसने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा के शुरुआती दिनों में ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक शिवलिंग पिघल जाने के बावजूद, श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। यात्रा के महज शुरुआती 12 दिनों के भीतर ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार भक्तों की संख्या में 37 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया है।
Jammu and Kashmir शिवलिंग पिघलने पर भी अडिग रही आस्था, श्राइन बोर्ड के पुख्ता इंतजाम
जानकारी के अनुसार, ‘बाबा बर्फानी’ के रूप में पूजी जाने वाली बर्फ की आकृति मई 2026 में लगभग 7 फीट ऊंची थी, लेकिन मौसम के प्रभाव के कारण यात्रा के शुरुआती पांच दिनों में ही वह अंतर्ध्यान (पिघल) हो गई। इसके बावजूद, भक्तों का मानना है कि पवित्र गुफा की दैवीय ऊर्जा और परम पवित्रता वैसे ही बनी हुई है।
इस भारी भीड़ को संभालने का श्रेय अमरनाथ श्राइन बोर्ड और प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा व बुनियादी ढांचे के बेहतरीन इंतजामों को जाता है। श्रीनगर यात्रा ट्रांजिट कैंप, बालटाल और नुमवान यात्रा बेस कैंप पर रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा के बीते 12 दिनों में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब पवित्र गुफा में हाजिरी लगाने वाले भक्तों की संख्या 15,000 से 20,000 से कम रही हो।
Jammu and Kashmir जम्मू से रवाना हुआ 14वां जत्था, विदेशी और ट्रांसजेंडर श्रद्धालु भी शामिल
यात्रा के 14वें दिन भी भक्तों का उत्साह चरम पर दिखा। आज जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 6,251 तीर्थयात्रियों का 14वां जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच बालटाल और पहलगाम के दोनों बेस कैंपों के लिए रवाना हुआ।
- रूट का विवरण: 2,985 तीर्थयात्रियों ने बालटाल के छोटे मार्ग को चुना, जबकि 3,266 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से आगे बढ़े।
- काफिले की स्थिति: 230 वाहनों के इस विशाल काफिले में 137 बसें, 34 मध्यम मोटर वाहन (MMV) और 59 हल्के मोटर वाहन (LMV) शामिल थे।
- जत्थे की खास बात: इस जत्थे में 4,439 पुरुष, 1,614 महिलाओं और 13 बच्चों के अलावा 78 साधु, 53 साध्वियां, 3 ट्रांसजेंडर तीर्थयात्री और 50 विदेशी पुरुष श्रद्धालु भी बाबा के दर्शन के लिए रवाना हुए।
Jammu and Kashmir उपराज्यपाल ने की सराहना, 28 अगस्त तक चलेगी यात्रा
प्रशासनिक मुस्तैदी की तारीफ: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने पवित्र यात्रा को सुगम, सुरक्षित और यादगार बनाने में दिन-रात जुटे सभी अधिकारियों, सुरक्षाबलों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना की है।
देशभर से अब तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। हालांकि, शिवलिंग के जल्दी पिघलने और बिना रजिस्ट्रेशन वाले (तत्काल एंट्री) यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा है, लेकिन श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से डटी हुई हैं। यह ऐतिहासिक तीर्थयात्रा 28 अगस्त, 2026 को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी।

