रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Yogi Cabinet Meeting Jalalabad Name Change : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज होने वाली कैबिनेट बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में 24 से अधिक जनहित और विकास से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और चर्चा में रहने वाला मुद्दा शाहजहाँपुर के ऐतिहासिक कस्बे ‘जलालाबाद’ का नाम बदलना है। इसके अलावा युवाओं, स्टार्टअप्स और होमगार्ड्स के लिए भी सरकार कई बड़े फैसले लेने जा रही है।
Yogi Cabinet Meeting Jalalabad Name Change जलालाबाद का बदलेगा नाम, अब कहलाएगा ‘परशुरामपुरी’
योगी सरकार उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और पौराणिक महत्व को संजोने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। शाहजहाँपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्बे ‘जलालाबाद’ का नाम परिवर्तित कर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को आज कैबिनेट से हरी झंडी मिल सकती है। इस फैसले के बाद इस क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी, जिसकी मांग स्थानीय स्तर पर लंबे समय से की जा रही थी।
Yogi Cabinet Meeting Jalalabad Name Change ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ को मिलेगी मंजूरी, हाईटेक सेक्टर पर फोकस
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ और नवाचार (Innovation) आधारित बनाने के लिए सरकार ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ को लागू करने जा रही है। अगले 5 वर्षों के लिए तैयार की गई इस महात्वाकांक्षी नीति का मुख्य उद्देश्य यूपी को देश के टॉप स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना है।
इस नई नीति के तहत हाईटेक और डीप-टेक (Deep-Tech) सेक्टर्स में काम करने वाले नए उद्यमियों को शुरुआती कदम से लेकर बिजनेस के विस्तार तक भारी वित्तीय और संस्थागत मदद दी जाएगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे।
Yogi Cabinet Meeting Jalalabad Name Change होमगार्ड्स को कैशलेस इलाज का तोहफा और म्यूनिसिपल बॉन्ड पर फैसला
कैबिनेट बैठक में राज्य के करीब 1.60 लाख होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा कल्याणकारी फैसला लिया जा सकता है। सरकार इन्हें आयुष्मान योजना की तर्ज पर कैैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। वर्तमान में राज्य में 1.18 लाख होमगार्ड तैनात हैं, जबकि 41 हजार नए जवानों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
इसके साथ ही, गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को विकास कार्यों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड (Municipal Bonds) जारी करने तथा बुनियादी ढांचा विकास निधि (Infrastructure Fund) के तहत बजट आवंटित करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगने की पूरी संभावना है।

