रिपोर्टर: विजय राघव
Bengaluru Capgemini daycare case arrest : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। पूर्वी बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड स्थित प्रसिद्ध आईटी कंपनी कैपजेमिनी (Capgemini) के HAL परिसर में संचालित डे-केयर सेंटर में मासूम बच्चों के साथ क्रूरता और दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी कामयाबी हासिल की है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु पुलिस ने मामले की दूसरी मुख्य आरोपी विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
Bengaluru Capgemini daycare case arrest रोने पर वॉशिंग मशीन में बंद करने और टॉयलेट जेट स्प्रे मारने का आरोप
डे-केयर सेंटर के जो वीडियो और शिकायतें सामने आई हैं, वे बेहद डरावनी और अमानवीय हैं। कामकाजी माता-पिता जिन मासूम बच्चों (उम्र 2 से 3 साल) को सुरक्षित समझकर यहां छोड़ जाते थे, उनके साथ सेंटर की आया और स्टाफ बेहद हिंसक बर्ताव करती थीं।
आरोपियों पर आरोप है कि जब भी बच्चे अपनी मां को याद कर रोते या शोर मचाते थे, तो उन्हें डराने के लिए फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाल दिया जाता था। इतना ही नहीं, बच्चों का रोना बंद कराने के लिए उनके मुंह पर टॉयलेट के जेट स्प्रे से सीधे पानी की तेज बौछारें मारी जाती थीं, उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया जाता था और वेस्टर्न टॉयलेट सीट पर जबरन बिठाया जाता था।
Bengaluru Capgemini daycare case arrest पांच महिला कर्मचारियों पर केस, आरोपी नंबर-2 विजयलक्ष्मी अरेस्ट
पुलिस जांच में डे-केयर सेंटर की पांच महिला कर्मचारियों की पहचान हुई है, जिनके नाम विजयलक्ष्मी, सिंधु, मंजुला, भवानी और बिंदु हैं। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच और चेहरे के मिलान (Video Verification) के बाद एफआईआर में आरोपी नंबर दो बनाई गई विजयलक्ष्मी की पहचान पुख्ता हुई, जिसके तुरंत बाद उसे अरेस्ट कर लिया गया। पुलिस अब उसे कस्टडी में लेकर आगे की पूछताछ की तैयारी कर रही है ताकि अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जा सके।
Bengaluru Capgemini daycare case arrest जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने सभी पांचों महिला कर्मियों के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस (JJ Act – बच्चों की देखभाल और संरक्षण) कानून के तहत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही इस क्रूरता के खिलाफ कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के समक्ष भी एक अलग शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) और वायरल वीडियो के टाइमलाइन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह प्रताड़ना कब से चल रही थी और इसकी चपेट में कितने और मासूम बच्चे आए हैं।

