रिपोर्टर: संदीप राजावत
Gwalior Jal Ganga Samvardhan Abhiyan : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में जल स्रोतों के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का समापन एक भव्य जिला स्तरीय समारोह के साथ हुआ। बाल भवन में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अभियान के तहत ग्वालियर जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिसके तहत 18 हजार 704 कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। इन प्रयासों के फलस्वरूप जिले की जल संग्रहण क्षमता में 24 लाख घन मीटर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Gwalior Jal Ganga Samvardhan Abhiyan पेड़-पौधे धरती के आभूषण, पानी सहेजना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी: मंत्री नारायण सिंह कुशवाह
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया। उन्होंने पर्यावरण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़-पौधे और हरियाली वास्तव में धरती माता के गहने हैं। पानी की हर बूंद को बचाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने शहर की सभी 118 प्राचीन बावड़ियों और लक्ष्मीगंज स्थित मेहराब साहब की तलैया के जीर्णोद्धार का विशेष रूप से उल्लेख किया और आमजन से इसमें भागीदार बनने की अपील की।

इस अवसर पर पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, जीडीए अध्यक्ष मधुसूदन सिंह भदौरिया और मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत में कु. अनुष्का द्वारा प्रस्तुत किए गए मनमोहक शास्त्रीय नृत्य से प्रभावित होकर मंत्री श्री कुशवाह ने उन्हें अपनी स्वैच्छिक निधि से 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।
Gwalior Jal Ganga Samvardhan Abhiyan जनभागीदारी से बदला परिदृश्य: जिले में बने 900 खेत तालाब
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अभियान की सफलता की रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ा वैचारिक और व्यावहारिक बदलाव लाया है। पहले जहां जिले के किसान अपने खेतों में तालाब (खेत तालाब) बनाने से कतराते थे, वहीं इस अभियान से प्रेरित होकर पिछले एक साल में जिले के ग्रामीण अंचलों में लगभग 900 खेत तालाबों का निर्माण कराया जा चुका है। कार्यक्रम में जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सजग नागरिकों और शासकीय सेवकों को मंच से सम्मानित भी किया गया।
Gwalior Jal Ganga Samvardhan Abhiyan आंकड़ों में जानिए जल गंगा संवर्धन अभियान की बड़ी सफलताएँ
19 मार्च से 30 जून 2026 तक चले इस वृहद अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर कार्य किए गए, जिनकी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- कुल संपन्न कार्य: जिले में कुल 18,704 कार्य पूरे हुए, जिनमें से अकेले नगर निगम ग्वालियर क्षेत्र में 12,011 कार्य शामिल हैं।
- अमृत मित्र: जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और कार्यों की निगरानी के लिए शहर में 1,000 “अमृत मित्र” बनाए गए।
- शहरी क्षेत्र के कार्य: शहर के विभिन्न हिस्सों में 3008 पानी के नमूनों की जांच की गई, 1959 सीवेज व पाइपलाइन लीकेज सुधारे गए और 655 नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए।
- ग्रामीण क्षेत्र के कार्य: ग्रामीण इलाकों में पानी सहेजने के लिए 679 खेत तालाब, 762 कुओं को रिचार्ज करने का कार्य और 2761 अन्य विकास कार्य कराए गए।

