SagarSagar
Spread the love

रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Sagar Medical Negligence Child Blind : मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील से चिकित्सा जगत को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ सरकारी सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा दी गई गलत दवाओं के कारण उनके मात्र 1 साल 7 महीने के मासूम बच्चे की आँखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। पीड़ित पिता ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत बंडा थाने में दर्ज कराते हुए आरोपी डॉक्टर और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Sagar Medical Negligence Child Blind सामान्य सर्दी और आँखों में लाली की शिकायत पर अस्पताल पहुँचा था परिवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंडा तहसील के ग्राम भूसा कमलपुर के रहने वाले इन्द्राज विश्वकर्मा अपने 19 महीने के बेटे विनय विश्वकर्मा को लेकर 29 मई 2026 को सिविल अस्पताल बंडा गए थे। बच्चे को हल्की सर्दी-खांसी थी और उसकी आँखें थोड़ी लाल थीं।

अस्पताल की ओपीडी (OPD) पर्ची कटवाने के बाद ड्यूटी पर तैनात सरकारी डॉक्टर ने बच्चे की जांच की और उसे एक आई ड्रॉप (Eye Drop), पैरासिटामोल सिरप, एक इंजेक्शन तथा कुछ अन्य दवाइयां लिख दीं। दवा दिए जाने के बाद परिजन करीब 3-4 घंटे तक अस्पताल में ही रुके रहे, लेकिन मासूम विनय की हालत सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई और उसकी आँखों में तकलीफ और बढ़ गई।

Sagar Medical Negligence Child Blind भोपाल एम्स के डॉक्टरों का चौंकाने वाला खुलासा: ‘गलत इलाज से बच्चा हुआ नेत्रहीन’

बच्चे की बिगड़ती हालत को देखकर बंडा अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया। सागर में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मामले को बेहद नाजुक बताया और उन्हें किसी बड़े उच्च चिकित्सा संस्थान जाने की सलाह दी।

इसके बाद परिजन आनन-फानन में बच्चे को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भोपाल लेकर पहुँचे। एम्स भोपाल के नेत्र रोग विशेषज्ञों ने जब बच्चे की गहन जांच की, तो उन्होंने जो खुलासा किया उससे माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने बताया कि गलत इलाज और दवाओं के साइड इफेक्ट या चिकित्सकीय लापरवाही के चलते मासूम विनय की आँखों की रोशनी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और अब वह कभी नहीं देख पाएगा।

Sagar Medical Negligence Child Blind थाने में शिकायत दर्ज, दोषियों पर कार्रवाई के लिए बनाई गई जांच कमेटी

पीड़ित पिता इन्द्राज विश्वकर्मा ने बंडा थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि वे ड्यूटी पर तैनात उस डॉक्टर को सामने आने पर चेहरे से पहचान सकते हैं, हालांकि वे उनका नाम नहीं जानते। पिता का कहना है कि डॉक्टर की इस लापरवाही ने उनके हंसते-खेलते बच्चे की जिंदगी में हमेशा के लिए अंधेरा भर दिया है।

इस संवेदनशील मामले पर बंडा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) योगेंद्र खटीक ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है। अधिकारियों का आश्वासन है कि कमेटी की रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषी डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़े: Noida Society AC Blast Fire: नोएडा की हाई-राइज सोसाइटी में बड़ा हादसा, AC फटने से 21वें फ्लोर पर लगी भीषण आग

You missed