Netra AWACS Final Operational Clearance : भारतीय रक्षा क्षेत्र और वायुसेना (IAF) के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। भारत के स्वदेशी ‘एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल’ (AEW&C) विमान ‘नेत्रा’ (Netra AWACS) को आज आधिकारिक रूप से फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) मिल गया है। बेंगलुरु में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उप वायुसेना प्रमुख अवधेश भारती ने FOC सर्टिफिकेट प्राप्त किया।
इस अंतिम मंजूरी का मतलब है कि ‘नेत्रा’ अब सभी कड़े तकनीकी व युद्धक मानकों पर खरी उतरी है और वायुसेना के बेड़े में पूर्ण रूप से किसी भी सैन्य मिशन को अंजाम देने के लिए तैयार है।
Netra AWACS Final Operational Clearance क्या होता है FOC (Final Operational Clearance)?
रक्षा क्षेत्र में FOC किसी भी सैन्य प्रणाली या विमान का अंतिम प्रमाणन चरण होता है। प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (IOC) के बाद विमान के कई कड़े परीक्षण किए जाते हैं। जब प्रणाली युद्ध की हर परिस्थिति और तकनीकी सुरक्षा मानकों पर 100% सटीक साबित होती है, तब उसे FOC दिया जाता है। इसका अर्थ है कि यह सिस्टम अब युद्ध के मैदान में तैनात होने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
Netra AWACS Final Operational Clearance क्यों कहा जाता है इसे भारत की ‘आसमान में उड़ती आंख’?
‘नेत्रा’ को भारत की आसमानी आंख इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह दुश्मन की सीमा में दाखिल हुए बिना ही सैकड़ों किलोमीटर दूर से उनकी हर हरकत को भांप लेती है।
- अत्याधुनिक रडार सेंसर: ब्राजीलियाई ‘एम्ब्रेयर’ (Embraer) विमान के ऊपर डीआरडीओ (DRDO) द्वारा निर्मित स्वदेशी रडार और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम फिट किया गया है।
- मल्टी-थ्रेट डिटेक्शन: यह आसमान में दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोनों, क्रूज मिसाइलों से लेकर समुद्री सतह पर मंडराने वाले खतरों की बहुत पहले टोह लेकर भारतीय सेना को ‘अर्ली वॉर्निंग’ (समय से पहले चेतावनी) जारी कर देता है।
Netra AWACS Final Operational Clearance बालाकोट एयरस्ट्राइक में साबित कर चुकी है अपना लोहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उप वायुसेना प्रमुख ने बताया कि ‘नेत्रा’ ने बालाकोट एयरस्ट्राइक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी संवेदनशील सैन्य कार्यवाहियों में अपनी अद्भुत क्षमता को पहले ही साबित कर दिया है।
आत्मनिर्भर भारत की मिसाल: DRDO के महानिदेशक (ECS) डॉ. बिनय कुमार दास ने बताया कि अब तक भारत इस तरह की रडार तकनीक के लिए विदेशी आयात पर निर्भर था, लेकिन ‘नेत्रा’ का पूरी तरह स्वदेशी होना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की बड़ी मिसाल है। इससे भविष्य में हमारी जरूरतों के हिसाब से तकनीक को अपग्रेड करना और भी आसान हो जाएगा।

