RudraprayagRudraprayag
Spread the love

रिपोर्टर: गनेश सिंह

Rudraprayag : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की यात्रा इस साल एक नया इतिहास रच रही है। कपाट खुलने के महज 52 दिनों के भीतर ही 12 लाख 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दरबार में शीश नवाया है। श्रद्धालुओं का यह भारी हुजूम पिछले सभी वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ चुका है, जो केदारघाटी के प्रति देश-विदेश के भक्तों की अटूट आस्था को दर्शाता है।

Rudraprayag प्रशासनिक मुस्तैदी और बेहतर सुविधाओं से बढ़ा भरोसा

इस साल रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ने की एक बड़ी वजह उत्तराखंड सरकार और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन का बेहतरीन प्रबंधन माना जा रहा है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, सुचारू यातायात व्यवस्था, त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और ठहरने की बेहतर सुविधाओं ने श्रद्धालुओं के सफर को काफी सुगम बना दिया है। यही कारण है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद तीर्थयात्री बिना किसी बड़ी बाधा के बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं।

Rudraprayag मौसम की मार से रफ्तार कुछ धीमी, पर उत्साह बरकरार

उत्तराखंड के पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। खराब मौसम और भूस्खलन की आशंकाओं को देखते हुए पिछले दिनों के मुकाबले प्रतिदिन आने वाले यात्रियों की संख्या में थोड़ी गिरावट जरूर आई है, लेकिन इसके बावजूद भी मुख्य पड़ावों पर भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Rudraprayag स्थानीय व्यापार चमका, हजारों परिवारों को मिला आजीविका का संबल

केदारनाथ यात्रा में आए इस अभूतपूर्व उछाल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बूस्टर डोज मिला है। यात्रा मार्ग और धाम के आस-पास सक्रिय होटल व्यवसायी, टैक्सी संचालक, घोड़े-खच्चर वाले, डंडी-कंडी सेवा प्रदाता, टेंट व्यवसायी और छोटे ढाबा संचालकों के व्यापार में भारी मुनाफा दर्ज किया गया है। इस सफल यात्रा सीजन ने उत्तराखंड के हजारों स्थानीय परिवारों के रोजगार और आजीविका को नई मजबूती प्रदान की है।

ये भी पढ़े: Sakti में डोलोमाइट खदान का भारी विरोध: ग्रामीणों और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जनसुनवाई रोकने के लिए कलेक्टर को घेरा