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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Ahmedabad : गुजरात के अहमदाबाद में स्थित आसाराम के मोटेरा आश्रम के पास प्रशासन ने बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई (Anti-Encroachment Drive) शुरू की है। अहमदाबाद विकास प्राधिकरण (AUDA) और स्थानीय नगरपालिका द्वारा करीब 45,000 वर्ग मीटर से अधिक की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। गुजरात हाई कोर्ट द्वारा आश्रम ट्रस्ट की याचिका खारिज किए जाने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। इस दौरान कार्रवाई का विरोध कर रहे आश्रम के निवासियों और पुलिस के बीच आंशिक तनाव देखा गया, जिसे सुरक्षाबलों ने नियंत्रित कर लिया।

Ahmedabad 37 अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था

चांदखेड़ा के मोटेरा गांव के अंतर्गत आने वाले लगभग 37 अवैध मकानों और ढांचों को तोड़ने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। डीसीपी जोन-2 भरत राठौड़ ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया:

  • सुरक्षा दल का गठन: डिमोलिशन की कार्रवाई के लिए चार विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
  • सशस्त्र जवान तैनात: हर टीम के साथ एक पुलिस इंस्पेक्टर (PI), दो सब-इंस्पेक्टर (PSI) और 25 जवान मुस्तैद हैं। इसके अलावा इतनी ही संख्या में सुरक्षाबल रिजर्व में रखे गए हैं।
  • वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी: पूरी कार्रवाई की सीधी देखरेख एसपी डिवीजन द्वारा की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं और निवासियों के साथ बैठक करने के बाद ही यह कदम उठाया गया है।

Ahmedabad गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के बाद साफ हुआ रास्ता

दरअसल, यह विवाद काफी समय से कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ था। 16 अप्रैल 2026 को गुजरात उच्च न्यायालय की दो जजों की खंडपीठ ने अहमदाबाद जिला कलेक्टर के जमीन वापसी के आदेश को चुनौती देने वाली आसाराम आश्रम की अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार के लिए इस बेशकीमती भूमि को वापस अपने कब्जे में लेने का रास्ता साफ हो गया।

Ahmedabad खेल परिसरों के नजदीक है जमीन; ओलंपिक और कॉमनवेल्थ में आएगी काम

सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, यह विवादित भूखंड अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम और सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के ठीक बगल में स्थित है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होने के कारण इस जमीन का उपयोग भविष्य में भारत द्वारा प्रस्तावित 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों के आयोजन से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए किया जा सकता है।

Ahmedabad क्या है दशकों पुराना मुख्य भूमि विवाद?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दशकों पहले आश्रम को कड़ी शर्तों के साथ सीमित धार्मिक गतिविधियों के लिए लगभग 33,980 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई थी। हालांकि, समय के साथ आंतरिक सर्वे और नक्शों के मिलान से पता चला कि आश्रम ने अपनी तय सीमा से आगे बढ़कर कुल 50,000 वर्ग मीटर से अधिक की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया था। कोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए सरकारी वकील जी.एच. विर्क ने जोर देकर कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर की जा रही है।

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