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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Jabalpur : मध्य प्रदेश के जलाशय में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ पर्यटकों से भरी एक क्रूज बोट अचानक असंतुलित होकर जलमग्न हो गई। इस नाव पर कुल 31 लोग सवार थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अब तक इस घटना में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

Jabalpur अचानक अनियंत्रित होकर पलटी नाव: रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब सैलानी क्रूज बोट पर सवार होकर जलाशय की सैर कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी के बीच पहुंचते ही नाव एक तरफ झुकने लगी और देखते ही देखते पलट गई। सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को मौके पर भेजा गया। अब तक 4 शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। अंधेरा और पानी का तेज बहाव बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है, लेकिन लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च लाइट और आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है।

Jabalpur क्षमता से अधिक भार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी

प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण नाव पर क्षमता से अधिक यात्रियों का सवार होना बताया जा रहा है।

  • ओवरलोडिंग: बताया जा रहा है कि नाव की क्षमता कम थी, लेकिन उस पर 31 लोगों को बैठाया गया था।
  • सुरक्षा उपकरणों का अभाव: कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जिसके कारण डूबने के दौरान उन्हें बचने का मौका नहीं मिला।
  • लापरवाही: स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्रूज संचालक अक्सर नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे सैलानियों की जान जोखिम में रहती है। प्रशासन ने अब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

Jabalpur सरकार ने जताया दुख, मुआवजे का किया ऐलान

राज्य के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को पीड़ितों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही, अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि बचाए गए यात्रियों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। इस हादसे के बाद राज्य के सभी पर्यटन स्थलों पर संचालित होने वाली नावों और क्रूज की सुरक्षा ऑडिट करने का फैसला लिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

प्रशासन अब लापता लोगों के परिजनों से संपर्क कर रहा है और घटनास्थल पर बचाव दल की संख्या बढ़ा दी गई है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।

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