रिपोर्टर: सन्तोष सरावगी
Bhitarwar : मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की भितरवार कृषि उपज मंडी बुधवार को अखाड़ा बन गई। गेहूं की कीमतों में अचानक आई गिरावट से आक्रोशित किसानों और प्रशासन के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात नायब तहसीलदार हरनाम सिंह के साथ मारपीट कर दी। तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस की पकड़ से एक आरोपी को छुड़ा ले जाने की घटना ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bhitarwar भाव में गिरावट ने भड़काया किसानों का गुस्सा
विवाद की मुख्य वजह गेहूं की डाक बोली के दौरान रेट में हुई बड़ी कटौती बताई जा रही है। किसानों का आरोप है कि सुबह जिस गेहूं का भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा था, दोपहर होते-होते व्यापारियों ने उसे घटाकर 2200 रुपये कर दिया। अचानक 300 रुपये की गिरावट से किसान आक्रोशित हो गए और उन्होंने डाक बोली रुकवा दी। मंडी में सुबह से ही अव्यवस्था का माहौल था, क्योंकि कई किसानों की फसल की तुलाई नहीं हो पाई थी और इसी बीच एक व्यापारी के अनाज में आग लगने की खबर ने आग में घी का काम किया।
Bhitarwar नायब तहसीलदार पर हमला और पुलिस से धक्का-मुक्की
जब प्रशासन की टीम स्थिति को नियंत्रित करने और किसानों को समझाने पहुँची, तो विवाद हिंसक हो गया। उग्र भीड़ ने नायब तहसीलदार हरनाम सिंह को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की। इस हमले में अधिकारी का चश्मा टूट गया और उनकी नाक से खून बहने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, लेकिन वहां मौजूद अन्य किसानों ने पुलिस के साथ झूमाझटकी की और आरोपी को जबरन छुड़ाकर ले गए।
Bhitarwar आरोपियों पर FIR की तैयारी और शासन की नजर
मंडी में हुई इस घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। सरकारी अधिकारी पर हमला करने और आरोपी को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के मामले में अब आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और किसानों की असुरक्षा को उजागर किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी जल्द ही प्रदेश के खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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