रिपोर्टर: नेहा गुप्ता
Bhojpur : बिहार के भोजपुर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में नवनियुक्त सिपाहियों का प्रशिक्षण अंतिम चरणों में है। आज, 28 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक (SP), भोजपुर ने नवीन पुलिस केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे इन जवानों की परेड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान जवानों के अनुशासन और उनके जोश ने पुलिस विभाग की कार्यक्षमता की एक सकारात्मक तस्वीर पेश की।
Bhojpur अनुशासन और वर्दी की सुसज्जा का बारीकी से मूल्यांकन
नवीन पुलिस केंद्र भोजपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक महोदय ने सबसे पहले परेड की सलामी ली। इसके उपरांत, उन्होंने मैदान में मौजूद प्रत्येक जवान की वर्दी की सुसज्जा (Turn out), शारीरिक दक्षता और ड्रिल की शुद्धता का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी महोदय ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि एक पुलिसकर्मी के लिए अनुशासन ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और इसकी झलक उसकी वर्दी और चाल-ढाल में दिखनी चाहिए।
Bhojpur परेड के विभिन्न चरणों का सूक्ष्म निरीक्षण
निरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधीक्षक ने परेड के मुख्य अंगों जैसे— मार्च पास्ट, सलामी शस्त्र, विश्राम और सावधान की स्थितियों का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने फील्ड पर जवानों के समन्वय (Coordination) को परखा और ड्रिल के दौरान होने वाली गतिविधियों की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया। यह निरीक्षण न केवल जवानों की क्षमता जांचने के लिए था, बल्कि उनके भीतर कर्तव्य परायणता की भावना को और अधिक प्रज्वलित करने के उद्देश्य से भी आयोजित किया गया था।
Bhojpur प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने हेतु दिए कड़े निर्देश
परेड के अंत में पुलिस अधीक्षक महोदय ने प्रशिक्षण के दौरान पाई गई सूक्ष्म कमियों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इन जवानों को भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पूर्णतः तैयार करना ही विभाग की प्राथमिकता है।
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