रिपोर्टर: अविनाश श्रीवास्तव
Rohtas : बिहार के रोहतास जिले के अंतर्गत डेहरी शहर की बिजली व्यवस्था को जल्द ही एक नया और आधुनिक आधार मिलने जा रहा है। शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीएसएनएल कार्यालय के समीप, नहर किनारे एक अत्याधुनिक पावर सब-स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। हाल ही में इस परियोजना के लिए विधिवत भूमि पूजन संपन्न हुआ, जिसमें विभाग के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की।

Rohtas चार फीडरों से होगी सप्लाई, लोड बैलेंसिंग पर जोर
वर्तमान में डेहरी शहर की बिजली आपूर्ति मुख्य रूप से तीन फीडरों पर निर्भर है, जिससे अक्सर ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग जैसी समस्याएं सामने आती हैं। बिजली विभाग के सहायक अभियंता दीपक कुमार के अनुसार, इस नए सब स्टेशन में 10 MVA के दो शक्तिशाली ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह होगा कि इस सब-स्टेशन के चालू होने के बाद पूरे शहर की बिजली सप्लाई को चार अलग-अलग फीडरों में बांट दिया जाएगा। इससे न केवल वोल्टेज की समस्या सुधरेगी, बल्कि किसी एक क्षेत्र में फॉल्ट होने पर पूरे शहर की बत्ती गुल नहीं होगी। विभाग का लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर सप्लाई शुरू कर दी जाए।
Rohtas इन प्रमुख इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली यह परियोजना डेहरी के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। इस नए ग्रिड से जुड़ने वाले प्रमुख मोहल्लों और सड़कों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- स्टेशन रोड और पाली रोड
- न्यू एरिया और धनटोलिया
- नागा आश्रम और अंबेडकर चौक
- जी.टी. रोड के आसपास के क्षेत्र
इन इलाकों के हजारों उपभोक्ताओं को अब लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल की निर्माण कंपनी एनबील (NBIL) को इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Rohtas अतिक्रमण की चुनौती: प्रशासन के सामने बड़ी बाधा
विकास की इस राह में एक बड़ी अड़चन भू-उपलब्धता को लेकर आ रही है। जिस सिंचाई विभाग की भूमि पर यह सब-स्टेशन प्रस्तावित है, वहां वर्तमान में कुछ स्थानों पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण है। नगर परिषद सभापति के प्रतिनिधि गुड्डू चंद्रवंशी और स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस अतिक्रमण को नहीं हटाया, तो प्रोजेक्ट की समय सीमा प्रभावित हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर के विकास और बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए जल्द से जल्द भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
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