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रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर

Supaul : बिहार के सुपौल जिले के गोपालपुर सिरे स्थित कोसी नदी में बीते 22 तारीख को हुआ दर्दनाक हादसा अब पूरी तरह एक मातम में तब्दील हो चुका है। नदी में डूबी चार लड़कियों में से आखिरी लापता लड़की, राधिका कुमारी का शव भी मंगलवार को बरामद कर लिया गया है। इस बरामदगी के साथ ही प्रशासन का सर्च ऑपरेशन समाप्त हो गया है, लेकिन पीड़ित परिवारों के घर कभी न भरने वाले जख्म दे गया है।

Supaul चार दिन बाद कोसी ने उगला राधिका का शव

22 तारीख को हुए इस हादसे के बाद से ही स्थानीय गोताखोर और प्रशासन की टीमें लापता राधिका की तलाश में जुटी हुई थीं। तीन अन्य लड़कियों के शव पहले ही निकाले जा चुके थे, लेकिन राधिका का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। मंगलवार को आखिरकार राधिका का शव उसी स्थान के पास पानी के ऊपर तैरता मिला, जहाँ वह अपनी सहेलियों के साथ नहाने गई थी।

शव मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया है।

Supaul एक साथ नहाने गई थीं चार सहेलियाँ, गहरे पानी ने ली जान

मौके पर मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि मुन्ना कुमार राम ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 22 तारीख को चारों लड़कियां खुशी-खुशी एक साथ कोसी नदी में स्नान करने गई थीं। नहाने के दौरान वे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सकीं और एक-एक कर चारों गहरे पानी में समा गईं।

हादसे के बाद से ही गांव में चूल्हा नहीं जला है। राधिका का शव मिलने के बाद परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक लड़कियों के गरीब परिवारों को आपदा प्रबंधन विभाग के तहत मिलने वाला उचित मुआवजा जल्द से जल्द प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें इस मुश्किल घड़ी में कुछ आर्थिक सहारा मिल सके।

Supaul नदी किनारे सुरक्षा और सावधानी पर उठते सवाल

इस भीषण त्रासदी ने एक बार फिर कोसी तटवर्ती इलाकों में सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सावधानी की कमी: अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे और महिलाएं बिना सुरक्षा घेरे के नदी की गहराई में चले जाते हैं।
  • प्रशासनिक सतर्कता: स्थानीय लोगों का कहना है कि खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा कर्मियों की तैनाती न होने से ऐसे हादसे बार-बार होते हैं।

प्रशासन ने एक बार फिर आम जनमानस से अपील की है कि वे नदियों के गहरे जल क्षेत्र में जाने से बचें और बच्चों पर विशेष निगरानी रखें।

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